रोजी रोटी के लिए प्रदेश के अन्य जिलों में काम करने के लिए गए लोगों के आने का क्रम अभी तक जारी है। सोनभद्र जिले के घोरावल कोतवाली क्षेत्र के सतद्वारी ग्राम पंचायत के पांच श्रमिक मंगलवार को देर शाम घर पहुंचे। इनमें से 4 लोग उन्नाव जिले से पैदल यात्रा कर 11 दिन में घोरावल पहुंचे, वहीं एक व्यक्ति दो दिन पैदल सफर कर वाराणसी से घर पहुंचा।
सभी का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए मेडिकल टीम ने उन्हें 14 दिन होम क्वारंटीन में रहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने का निर्देश दिया। सतद्वारी ग्राम पंचायत के प्रधानपति सियाराम यादव ने बताया कि गांव के ही चंद्रशेखर, बबोली, दीनानाथ व राजा करीब तीन महीने पहले रोजी रोटी के सिलसिले में उन्नाव जिला गए थे। वहां पर सभी लोग रेलवे पटरी का काम करते थे।
लॉकडाउन घोषित होने के बाद वे वहीं फंस गए। कुछ दिन तक ठेकेदार के सहयोग से रोटी पानी मिलता रहा, लेकिन खाने पीने की दिक्कतें आने से वे 11 दिन पहले सभी पैदल ही वहां से घर के लिए रवाना हो गए। उनके ठेकेदार ने रास्ते में खर्च के लिए कुछ रुपये चारों श्रमिकों को दिया और बकाया रुपये बाद में मेठ के जरिए भेजने की बात कही।
इसके साथ सभी श्रमिक पैदल यात्रा करते हुए मंगलवार को देर शाम सतद्वारी गांव पहुंचे। इसके अलावा सतद्वारी निवासी राजेश वाराणसी से दो दिन तक पैदल चलकर मंगलवार को देर शाम अपने घर पहुंचा। ग्राम प्रधानपति सियाराम की सूचना पर बुधवार सुबह घोरावल सीएचसी की टीम ने सतद्वारी पहुंचकर सभी पांचों श्रमिकों का स्क्रीनिंग व स्वास्थ्य परीक्षण किया। डॉक्टर ने सभी को 14 दिनों तक होम क्वारंटीन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए घर में रहने का निर्देश दिया।