तीन दिनों के भीतर एक बार फिर मंगलवार को ओबरा बी तापीय परियोजना की 200 मेगावाट क्षमता की तीन इकाइयां तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गईं। एक इकाई पहले से ही बंद चल रही। परियोजना का बिजली उत्पादन लुढ़ककर 150 मेगावाट के नीचे आ गया है।
200 मेगावाट क्षमता की 10वीं इकाई मंगलवार को 11:12 बजे आई तकनीकी खराबी के कारण ट्रिप हो गई। अभियंता इस खराबी को ठीक करने में लगे थे, तभी 15:04 मिनट पर 11वीं इकाई बंद हो गई। उधर, शाम 17:08 बजे 13वीं इकाई भी तकनीकी खराबी के कारण बंद हो गई।
परियोजना की 9वीं इकाई पहले से ही बंद चल रही है। चार इकाइयों के बंद होने से प्रदेश के कई हिस्सों में आपात कटौती करनी पड़ी। देर शाम तक अभियंता इकाइयों में आई खराबी को दूर कर उन्हें जल्द लाइटअप करने का प्रयास में जुटे थे।
ओबरा-बी की एक मात्र चालू 12वीं इकाई से 130 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा था। ओबरा जल विद्युत की तीनों इकाइयों को चलाकर 87 मेगावाट एवं रिहंद जल विद्युत की पांच इकाइयों से 268 मेगावाट बिजली उत्पादन किया जा रहा था।
प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 26460 मेगावाट और न्यूनतम 21416 मेगावाट है। इस समय राज्य की परियोजनाओं से 3899 मेगावाट, जल विद्युत परियोजनाओं से 1254 और निजि क्षेत्र की इकाइयों से 5909 मेगावाट उत्पादन हो रहा है।