जिले में पिछले चार वर्षों में डा. राममनोहर लोहिया समग्र विकास योजना के तहत 88 गांवों का चयन किया गया है। चयनित गांवों में 6115 लोहिया आवास बनने हैं। लेकिन अभी तक करीब पौने सात सौ आवासों का निर्माण कार्य ही पूर्ण नहीं हो पाया है। इसको गंभीरता से लेते हुए पीडी ने चार सेक्रे टरी और कई लाभार्थियों से आवास के लिए जारी किए गए धन की रिकवरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसमें सेवानिवृत्त सेक्रेटरी शैलेंद्र सिंह भी शामिल हैं।
परियोजना निदेशक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार सपा सरकार की महत्वाकांक्षी डा. राम मनोहर समग्र विकास योजना के तहत वर्ष 2012 से वर्ष 2016 तक राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्घी तहसील क्षेत्र के 88 गांवों का चयन कर उन्हें बिजली, सड़क, पानी आदि विकास कार्यों से संतृप्त किया जा रहा है। वर्ष 2012-13 मेें चयनित गांवों के 1984 लाभार्थियों को लोहिया आवास मिल चुका है। वर्ष 2013-14 में 1530 आवास, 2014-15 मेें 1941 आवास और वर्ष 2016-17 में 660 पात्र व्यक्तियों को लोहिया आवास मिला।
अभी तक वर्ष 2015-16 के एक भी लाभार्थियों का आवास बनकर तैयार नहीं हुआ है। जबकि 489 लाभार्थियों को दूसरी किस्त जारी कर दी गई है। डीएम सीबी सिंह ने पीडी को निर्धारित समयसीमा के भीतर आवास का कार्य पूर्ण न होने पर संबंधित सेक्रेटरी एवं लाभार्थियों से आवास के लिए दिए गए धन की रिकवरी करने का निर्देश दिया है।
इस संबंध में पीडी एनएन मिश्रा का कहना है कि सेक्रेटरी और लाभार्थियों की लापरवाही से वर्ष 2014-15 के 19 लोहिया आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। इसलिए चोपन ब्लॉक में तैनात सेक्रेटरी अमरेंद्र प्रियदर्शी, चतरा के सुरेश कुमार और राबर्ट्सगंज के घनश्याम सिंह और संबंधित लाभार्थियों से रिकवरी करने के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।