वनाधिकार कानून के अंतर्गत रहवासियों की जीविका के साधन एवं खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए उनके कब्जे की वन भूमि पर उन्हें पट्टे का अधिकार प्रदान किया जा रहा है। अब ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी। डीएम ने केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में बताते हुए उसका लाभ उठाने को प्रेरित किया।
इस दौरान डीएम ने गांव के आस-पास प्राकृतिक सौंदर्य को देख यहां ईको टूरिज्म, विलेज टूरिज्म को विकसित करने की संभावनाएं भी देखी। इस दौरान तहसीलदार सुनील कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर यादव, बीडीओ नगवां उत्कर्ष सक्सेना, एडीआईओ विनय कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।