अनपरा। मिनिस्ट्री ऑफ कार्पोरेट अफेयर्स ने कंपनियों को राज्यों से समन्वय स्थापित कर सीएसआर मद से कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम व उपचार के लिए खर्च करने का निर्देश दिया है। स्पष्ट किया है कि कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम व उपचार के लिए सुविधाओं की बहाली में सीएसआर मद का व्यय किया जाना योग्य व उपर्युक्त सीएसआर एक्टिविटी है।
मिनिस्ट्री के इस निर्देश के क्रम में सोनभद्र में स्थित नार्दर्न कोल फील्डस लिमिटेड की ककरी, बीना, कृष्णशिला, खड़िया परियोजना के सीएसआर मद का खर्च सौ शैय्या की क्षमता वाले जिला संयुक्त चिकित्सालय डिबुलगंज-अनपरा में कोविड-19 संक्रमितों के चिकित्सा व उपचार योग्य आवश्यक सुविधाओं की बहाली की मांग की जा रही है। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव अंकुश दुबे ने जिलाधिकारी व एनसीएल के सीएमडी को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि जनपद सोनभद्र का जिला मुख्यालय स्थित चिकित्सालय अनपरा-शक्तिनगर परिक्षेत्र से लगभग 100 किमी दूर है। जहां अनपरा-शक्तिनगर परिक्षेत्र से गंभीर व्यक्ति के पहुंचने में ही काफी समय लगता है। कोविड-19 संक्रमितों की बढ़ती संख्या के कारण एकमात्र जिला मुख्यालय स्थित चिकित्सालय पर जिले के सारे कोविड-19 संक्रमितों को उपचार व चिकित्सा सुविधाएं दिया जाना भी संभव नहीं है। अनपरा-शक्तिनगर क्षेत्र के लोगों को कोविड-19 से संक्रमित होने की दशा मे सुलभ चिकित्सा व उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनपरा-शक्तिनगर परिक्षेत्र के मध्य स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय, डिबुलगंज-अनपरा मे कोविड-19 संक्रमितों के उपचार योग्य सुविधाओं की बहाली किया जाना आवश्यक व उचित है।