लोक विज्ञान संस्थान देहरादून की तरफ से ऊर्जांचल में स्थापित आरओ प्लांट एवं अन्य जल स्रोतों से उठाए गए सैंपल के लैब टेस्ट में प्रदूषण के भयावह आंकड़े सामने आए हैं। चिंता की बात यह है कि आरओ प्लांटों के पानी में मानक से काफी अधिक फ्लोराइड मिला है।
अन्य खतरनाक रासायनिक तत्वों की भी अधिक मात्रा ने नींद उड़ा दी है। रविवार को जैसे ही रिपोर्ट सार्वजनिक हुई, ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने प्रदर्शन कर तत्काल ठोस कदम उठाने की मांग की। संजीदगी न दिखने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
पिछले माह पीएसआई देहरादून की टीम ने अनपरा से सटे पिपरी सोनवानी, रणहोर और सेंदूर गांव के पानी का सैंपल उठाया था। लैब टेस्ट के बाद रविवार को पिपरी सोनवानी की रिपोर्ट सार्वजनिक की गई। यहां से उठाए गए सभी बारहों सैपल में फ्लोराइड की अत्यधिक मात्रा पाई गई है।
हैरत की बात यह है कि यहां के दो आरओ प्लांटों के सैंपल भी फ्लोराइड के अत्यधिक मात्रा की पुष्टि हुई है। पिपरी-बेलवादह सीमा पर मायाराम के घर के पास स्थित आरओ प्लांट में फ्लोराइड की मात्रा प्रति लीटर 2.56 एमजी और गाव के बीच स्थित आरओ प्लांट-टीडब्ल्यू के पानी में फ्लोराइड की मात्रा 4.08 एमजी तक पाई गई है।
जबकि इसका स्टैंडर्ड मानक एक एमजी है। इसी तरह ब्रह्मनारायण सिंह, मंधारी, प्रधान सरदार मान सिंह, उच्च प्राथमिक विद्यालय, अर्जुन, बबुली, राजकुामर, महादेव, महावीर के घर के पास के हैंडपंपों में भी फ्लोराइड की अत्यधिक मात्रा मिली है। इसी तरह अन्य रासायनिक तत्वों की भी बहुलता बताई जा रही है। इससे खफा प्रधान मानसिंह, गुलाब प्रजापति, रामअधीन, जनकधारी, ज्वाला, मोहनलाल भारती, सुनील, बबल खरवार, रूपलाल ने गांव में प्रदर्शन कर आवाज उठाई। कहा कि जल्द प्रभावी पहल नहीं हुई तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।