सोनभद्र। पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को मूलभूत सुविधाएं न मिलने से संबंधित शिकायत पर आपूर्ति विभाग ने जांच शुरू कर दी है। बुधवार को जिलापूर्ति अधिकारी डॉ. राकेश तिवारी ने कई पेट्रोल पंप की जांच की। इस दौरान काफी हद तक शिकायत सही निकली। पंप मालिकों को नोटिस थमाने के साथ ही तेल कंपनियों को लिखा पढ़ी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कुछ दिन पूर्व डीएसओ को शिकायत मिली थी कि अधिकांश पेट्रोल पंप पर शुद्ध पेयजल, शौचालय, वाहनों में हवा भरने, आग बुझाने के समुचित उपकरण समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएसओ ने पेट्रोल पंप की जांच शुरू की। बुधवार को एआरओ के साथ डीएसओ ने कई पेट्रोल पंपों पर पहुंच कर मूलभूत सुविधाओं का जायजा तो सच्चाई सामने आई। डीएसओ के मांगने पर संबंधितों ने पंप संचालित करने से संबंधित सभी कागजात नहीं दिखा सके। एआरओ रिपुसूदन ने बताया कि बरैला नाथ किसान सेवा केंद्र, एनकेे पांडेय फिलिंग स्टेशन और राज सर्विस स्टेशन की जांच की गई। यहां अपेक्षा के अनुसार फायर किट नहीं मिला। शौचालयों में साफ-सफाई का अभाव था। किसी भी पंप पर आग बुझाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी नहीं मिले। पंपों पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी, लोकल थानाध्यक्ष, इमरजेंसी नंबर अंकित नहीं थे। उन्होंने बताया कि मंगलवार को विकास फीलिंग स्टेशन की जांच की गई थी, वहां भी संपूर्ण मूलभूत सुविधाएं नहीं मिली।
जिले में संचालित हो रहे 142 पंप
राबर्ट्सगंज, घोरावल, ओबरा और दुद्धी तहसील क्षेत्र में विभिन्न ऑयल कंपनियों के करीब 142 पेट्रोल पंप संचालित हो रहे हैं। इसमें सर्वाधिक इंडियन ऑयल के लगभग 60 पंप है। आपूर्ति विभाग की मानें तो जिले में वर्तमान में इंडियन ऑयल को कोई सेल्स अफसर तैनात नहीं है। इस नाते समस्त पंपों पर मूलभूत सुविधाओं की जांच नहीं हो पा रही है।
दूरभाष पर पेट्रोल पंपों की शिकायत प्राप्त हुई थी। उसी क्रम में पंपों पर मूलभूत सुविधाओं और अभिलेखों की जांच की गई। जांच के दौरान पंपों पर आग बुझाने में कोई कर्मचारी पारंगत नहीं पाया गया। अधिकांश पंप स्वामियों द्वारा उपभोक्ताओं को कैश मेमो नहीं दिया जा रहा है। जिन पंपों पर खामियां मिली हैं, उनके मालिकों को नोटिस भेजने के साथ ही संबंधित कंपनी के अधिकारियों को भी पत्र लिखा जाएगा। संतोषजनक जवाब न देने वाले पंप मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. राकेश तिवारी, जिलापूर्ति अधिकारी, सोनभद्र