कुल 10 से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं का हुआ मूल्यांकन
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सोनभद्र। वित्तविहीन शिक्षक मानदेय तथा समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग को लेकर मूल्यांकन कार्य बहिष्कार के साथ ही लगातार तीखे तेवर अपनाए हुए हैं। मंगलवार को वित्तविहीन शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य के लिए मिले पत्र की प्रतियां जलाकर पूरी तरह से खुद को मूल्यांकन कार्य से अलग होने की घोषणा कर दी। उनके दबाव को देखते हुए राबर्ट्सगंज स्थित मूल्यांकन केंद्र राजा शारदा महेश इंटर कालेज और राजकीय बालिका इंटर कालेज में गलत तरीके से परीक्षक का कार्य कर रहे दो दिन में पांच शिक्षकों को हटा दिया गया है। पांच और को हटाने की मांग की जा रही है। डीआईओएस को पत्र भेजकर इन लोगों के खिलाफ एफआईआर की भी मांग की गई है।
माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष उमाकांत मिश्रा, डा. विजेंद्र सिंह, देवप्रकाश पांडेय, माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नंदलाल शुक्ल, महामंत्री पंकज पांडेय की अगुवाई में मंगलवार को भी वित्तविहीन शिक्षकों ने दोनों मूल्यांकन केंद्रों पर धरना-प्रदर्शन कर आवाज उठाई। मूल्यांकन केंद्र के लिए मिला नियुक्ति पत्र फूंका। आरोप लगाया कि रेल कर्मचारी इंटर कालेज चोपन के शिक्षक मनीष जो बीएड के संस्थागत छात्र हैं, को आरएसएम इंटर कालेज में मूल्यांकन कार्य करते पाया गया।
बिड़ला विद्या मंदिर म्योरपुर के शिक्षक राम लक्ष्मण को बिना किसी नियुक्ति पत्र के राजकीय बालिका इंटर कालेज में मूल्यांकन करते पकड़ा गया। दोनों शिक्षक कार्यमुक्त कर दिए गए हैं। वित्तविहीन शिक्षकों का कहना था कि शासन के दबाव में मूल्यांकन कार्य समय से कराए जाने के दबाव में उपनियंत्रकों ने फर्जी ढंग से शिक्षक बनाकर मूल्यांकन करने की रणनीति बनाई है। इसकी जानकारी के बाद डीआईओएस को प्रार्थना पत्र भेजकर उनके हस्तक्षेप करने और एफआईआर कराने की मांग की गई।
इसके बाद दो दिन के भीतर गलत तरीके से परीक्षक कार्य कर रहे पांच शिक्षकों को हटा दिया गया है। पांच और को हटाने की मांग जारी है। इस मौके पर राजेंद्र प्रसाद पांडेय, विजयशंकर पाठक, नीलम राय, रमेश देव, राम सिंह, श्यामलाल यादव, विनोद सिंह, मनोज कुमार, रामकीर्ति, संजय विश्वकर्मा, चरणदास आदि मौजूद रहे।