सोनभद्र। आठ वर्षीय बालिका से छेड़खानी के साढ़े सात साल पुराने मामले में अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट निहारिका चौहान की अदालत ने दोषी को पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई है। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए उस पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 23 अप्रैल 2015 को पन्नूगंज थाने में तहरीर देकर बेटी के साथ छेड़खानी का आरोप लगाया था। तहरीर में बताया कि आठ अप्रैल को अपराह्न पन्नूगंज थाना क्षेत्र के लौवारी गांव निवासी गुपुत यादव उसकी नाबालिग बेटी को गौशाला में ले गया और उसके साथ छेड़छाड़ करने लगा। जब वह भागने लगी तो उसे वह पकड़ लिया। जब बेटी रोने लगी तो उसे छोड़ दिया। इस तहरीर पर पन्नूगंज पुलिस ने छेड़खानी व पॉक्सो एक्ट में एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर आरोपी गुपुत यादव को दोषी करार दिया। उसे पांच वर्ष की कैद और 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि 25 हजार रुपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश प्रसाद अग्रहरि, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।