सोनभद्र। ओबरा तापीय परियोजना से जाते समय ट्रक चालकों के साथ मारपीट करने और सामान क्षतिग्रस्त करने के मामले में पांच ठेकेदारों व 12 अन्य लोगों के खिलाफ कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राहुल की अदालत ने ओबरा थानाध्यक्ष को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है।
आंध प्रदेश के ईस्ट गोदारी निवासी वीरा वेंकटा ज्ञानेश्वर ने अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने कोर्ट को बताया कि वह ओबरा सी पावर प्लांट में काम कर रही इंडवेल कंट्रक्शन प्रा. लि. के साइट इंचार्ज हैं। कंपनी ने दुशान पावर सिस्टम इंडिया प्रा. लि. में संविदा स्थापित कर कार्य किया है। अपना कार्य समाप्त होने पर परियोजना से 30 जुलाई को गेट पास प्राप्त कर सामान अपने ट्रकों से लेकर जा रहा है। एनओसी मिलने के बावजूद ठेकेदार काशीनाथ प्रसाद, आरपी तिवारी, राजू पांडेय, महफूज अहमद व राजू यादव के साथ ही 10-12 अन्य लोगों की ओर से ट्रक चालकों को गेट से बाहर निकलते ही मारपीट करना, चाभी छीन लेना, हवा निकाल देना, सामान क्षतिग्रस्त कर देना और जान मारने की धमकी देना रोज की आदत बन गई है। इसकी शिकायत ओबरा थाने, 112 पुलिस के साथ ही एसपी सोनभद्र से की गई ,लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने इसे संज्ञेय अपराध मानते हुए ओबरा थानाध्यक्ष को उपरोक्त मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।