सोनभद्र। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़ी रोकने के लिए शासन ने नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत पंजीकरण कराने वाले वर-वधू का पहले बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिये उनके चेहरे का मिलान किया जाएगा।
इसके बाद ही वह एक-दूसरे को वरमाला पहना सकेंगे। नवंबर में होने वाले सामूहिक विवाह के लिए समाज कल्याण विभाग ने फेस आईडी और बायोमेट्रिक सत्यापन की तैयारी शुरू कर दी है। अब तक 190 आवेदन आए हैं।
निर्धन परिवार की कन्याओं की शादी कराने के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चलाई जा रही है। सामूहिक विवाह योजना के तहत पहले एक जोड़े की शादी में 51 हजार रुपये का खर्च होता था। शासन ने अब इसकी धनराशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है। इसके तहत 60 हजार रुपये कन्या के खाते में, 25 हजार रुपये मूल्य का ब्राडेंड सामान दिए जाने हैं। साथ ही 15 हजार रुपये आयोजन पर खर्च किए जाएंगे। यह व्यवस्था जुलाई से शुरू हुई है। अधिकारियों ने बताया कि 15 नवंबर के बाद ही सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा। शासन से इस साल 466 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य दिया गया है।
इसके सापेक्ष अभी तक 190 आवेदन आ गए हैं। समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि सामूहिक विवाह के लिए आवेदन करने वाले जोड़ों का सत्यापन कराने के लिए सभी बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं। विवाह स्थल पर पहले जोड़ों का फेस आईडी और बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही विवाह संपन्न कराया जाएगा। इसके लिए तैयारियां चल रही हैं।