रोडवेज बस में लगा फर्स्ट एड बाक्स बना शोपीस। संवाद
सोनभद्र। रोडवेज बसों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य फर्स्ट एड बॉक्स खुद ही बदहाल स्थिति में हैं। हालात ऐसे हैं कि ज्यादातर बसों में यह बॉक्स केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं। कहीं बॉक्स खाली हैं, तो कहीं जरूरी दवाओं की जगह बेकार सामान ठूसा हुआ है।
ऐसे में यदि आप रोडवेज बसों में यात्रा कर रहे हैं तो खुद के पास जरूरी दवाओं का इंतजाम करके चलें।
जिले के वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग और रॉबर्ट्सगंज-मिर्जापुर रूट के साथ अन्य मार्गों पर कई डिपो की रोडवेज बसें संचालित हो रही है। सोनभद्र से होकर इस समय 130 से अधिक रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है।
इसमें सोनभद्र डिपो की 77 रोडवेज बसों में करीब 60 का नियमित संचालन हो रहा है।
इसके अलावा विंध्यनगर, मिर्जापुर डिपो के साथ अन्य डिपो की रोडवेज बसों का संचालन हो रहा है। कुछ रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं है, जिन बसों में फर्स्ट एड बॉक्स लगा है उसमें जरूरी इंतजाम नहीं है।
बॉक्स में न तो पट्टी है, न कॉटन, न ही जरूरी दवाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में छोटी दुर्घटना भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
रोडवेज बस में लगा फर्स्ट एड बाक्स बना शोपीस। संवाद