ओबरा/दुद्धी। डीएलएड की फर्जी डिग्री के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक के पद पर नौकरी करने वाली दो अध्यापिकाओं के खिलाफ फिर मुकदमा दर्ज कराया गया है। चोपन के बीईओ मुकेश कुमार ने ओबरा थाना और दुद्धी के बीईओ आलोक कुमार यादव ने विंढमगंज थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया है। फर्जी डिग्री पर नौकरी करने के मामले में जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है।
खंड शिक्षा अधिकारी चोपन मुकेश कुमार ने बताया कि रेणुका पार स्थित प्राथमिक विद्यालय मगरदहा में मऊ जनपद के देउरी गांव की मूल निवासी सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात कुसुमलता ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से डीएलएड की डिग्री प्राप्त किया था जिसे जांच के दौरान फर्जी पाया गया। इनकी नियुक्ति मई 2018 में हुई थी। जांच में डिग्री फर्जी पाए जाने पर कुसुम लता के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
दुद्धी: बीईओ दुद्धी आलोक कुमार यादव ने बताया कि सीमा कुमारी निवासी ग्राम रतन चंद जिला बलिया की बीएलएड के फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर मई 2018 में पतरिहा गांव के बिहार बस्ती में प्राथमिक शिक्षा में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति हुई थी। डिग्रियों की जांच में डीएलएड का प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया। उस आधार पर शिक्षिका को अगस्त 2019 में ही सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। बताया कि किसी प्रकार का शिक्षिका को वेतन भुगतान नहीं किया गया था।