सीएमओ कार्यालय में लंबे समय से एक ही पटल पर जमे चर्चित बाबू समेत तीन के पटल बुधवार को महानिदेशक के आदेश के बाद बदल दिए गए। एनएचएम घोटाले में नाम शामिल होने के बावजूद वित्तीय पटल देख रहे धीरज श्रीवास्तव से यह चार्ज ले लिया गया है। उन्हें आशुलिपिक व कोर्ट केस से जुड़े पटल का प्रभार सौंपा गया है।
सीएमओ कार्यालय में बाबूओं के कार्य आवंटन में मनमानी की शिकायतें लंबे समय से होती रही हैं। वाराणसी के चर्चित एनएचएम घोटाले में संलिप्तता के आरोप में कार्रवाई विचाराधीन होने के बावजूद वरिष्ठ सहायक धीरज श्रीवास्तव को वित्तीय चार्ज व कई महत्वपूर्ण कार्य सौंपे गए थे जबकि निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं की ओर से ऐसा न करने की सख्त हिदायत दी गई थी। अफसरों की मेहरबानी और सांठगांठ से तीन वर्ष से अधिक समय से उन्हें स्टेट बजट रख रखाव व भुगतान, स्थापना, चिकित्साधिकारी संवर्ग, नर्सिंग संवर्ग सहित अन्य महत्वपूर्ण वित्तीय कार्य सौंपे गए थे। मामला संज्ञान में आने के बाद मंगलवार को निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के निर्देश पर सीएमओ ने धीरज श्रीवास्तव से वित्तीय चार्ज लेते हुए आशुलिपिक व कोर्ट केस पटल का जिम्मा सौंप दिया है। प्रधान सहायक जितेंद्र कुमार अवस्थी को स्टेट बजट, रखरखाव, भुगतान, स्थापना, लिपिकीय संवर्ग, चतुर्थ श्रेणी व नर्सिंग संवर्ग का कार्य दिया गया है। कनिष्ठ सहायक संजय कुमार सिंह को पूर्व आवंटित कार्य के साथ स्थापना पैरामेडिकल संवर्ग, फार्मासिस्ट, एक्सरे टेक्नीनिशयन संवर्ग का कार्य दिया गया है। सीएमओ डॉ. रमेश सिंह ठाकुर ने बताया कि शासन के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए कार्यालय में तैनात सहायकों के पटल में बदलाव किया गया है।