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Sonebhadra News: गोदामों में बंद है खाद, सहकारी समितियों पर टोटा

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सोनांचल में मानसून की दस्तक के बाद किसान खरीफ की खेती में जुट गए हैं। करीब 50 फीसदी किसान धान की नर्सरी डाल चुके हैं। बारिश होने के साथ ही खाद-बीज के लिए किसानों की भागदौड़ शुरू हो गई है।
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इस वक्त किसानों को खाद की आवश्यकता है, लेकिन समितियों पर खाद की कमी है, जबकि स्टाॅक में खाद पर्याप्त होने का दावा किया जा रहा है। समितियों पर खाद न पहुंचने से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
खरीफ सीजन 2024 में जिले में यूरिया 26470 एमटी, डीएपी 15030 एमटी और एनपीके 5699 एमटी और एमओपी 520 एमटी वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लक्ष्य के मुकाबले यूरिया 17554 एमटी करीब 66.31 प्रतिशत उपलब्ध है।
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डीएपी 9370 एमटी 62.34 प्रतिशत, एनपीके 3413 एमटी जो लक्ष्य का 59.88 प्रतिशत तथा एमओपी 322 एमटी जो लक्ष्य का 61.87 प्रतिशत उपलब्ध है। फिर भी जिले के 12 से अधिक साधन सहकारी समितियों पर कहीं डीएपी तो कहीं यूरिया उपलब्ध नहीं हो पाई है।
सरकारी आंकड़ों में यूरिया, डीएपी सहित अन्य खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। बावजूद इसके किसी सहकारी समिति पर यूरिया नहीं है तो किसी पर डीएपी किसानों को नहीं मिल रहा है। इससे किसानों को परेशान हो रही है। बाजार से ऊंचे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है।


इन समितियों पर नहीं है खाद

रामगढ़/विंढमगंज/कोन। चतरा ब्लाॅक अन्तर्गत साधन सहकारी समिति शिवपुर, रामगढ़, कोरियांव, सोढ़ा और बिरधी समिति पर खरीफ सीजन के लिए अभी तक डीएपी उपलब्ध नही है। कोरियांव और शिवपुर के सचिव सौरभ सिंह का कहना है कि एक सप्ताह में खाद उपलब्ध हो जाएगी। वहीं दुद्धी ब्लॉक के क्रय विक्रय समिति सलैयाडीह में 500 बोरी डीएपी, 600 बोरी यूरिया उपलब्ध है। विंढमगंज लैंपस में 300 बोरी डीएपी व 300 बोरी यूरिया है। मेदनीखाड़ लैंपस में सिर्फ 500 बोरी यूरिया उपलब्ध है। यहां डीएपी उपलब्ध नहीं है। एक-दो दिन के अंदर यहां डीएपी पहुंचने की उम्मीद की जा रही है। वहीं कोन लैंपस पर मात्र 200 बोरी डीएपी उपलब्ध है। यहां यूरिया खाद नहीं है। सचिव ने बताया कि चेक लगा है, यूूरिया भी जल्द ही आ जाएगी। संवाद


इन केंद्रों पर खाद उपलब्ध
केकराही स्थित किसान सेवा सहकारी समिति और संघ दो केंद्र हैं जहां उर्वरक उपलब्ध है। यहां 30 टन यूरिया एवं 69 टन डीएपी मौजूद है। यह जानकारी केंद्र प्रभारी मनोज कुमार श्रीवास्तव ने दी। उन्होंने बताया कि इसी प्रकार किसान सेवा सहकारी समिति पांपी केंद्र पर 60 टन यूरिया एवं 20 टन डीएपी मौजूद है। यह जानकारी केंद्र प्रभारी प्रेमचंद ने दी।
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