रेणुकूट। प्रतापगढ़ में तैनात महिला हेड कांस्टेबल ने सगाई के बाद बेटे की शादी तोड़ दी। आरोप है कि सगाई के समय पांच लाख नकद लिए गए। अब और रुपये मांगे जा रहे थे। असमर्थता जताने पर रिश्ता तोड़ दिया गया। मामले में अदालत के आदेश पर पिपरी पुलिस ने सोमवार की रात प्राथमिकी दर्ज कर ली।
हिंडाल्को कॉलोनी निवासी सुभाष चंद्र पांडेय का कहना है कि उन्होंने अपने बेटी की शादी प्रेमलता मिश्रा निवासी गायघाट, थाना बेलघाट, गोरखपुर, मौजूदा पता पूरा फतेहपुर मुहम्मद, नैनी प्रयागराज के साथ तय की थी। सगाई 16 अक्तूबर 2024 को हुई थी। उस समय वर पक्ष को पांच लाख नकद, सोने की चेन, अंगूठी, गृहस्थी का सामान, कपड़े और कई उपहार भेंट किए। सगाई में तीन लाख खर्च हुआ।
कुछ दिन बाद चार लाख की और मांग की जाने लगी। असमर्थता जताने पर शादी तोड़ने की बात कही गई। एतराज पर कहा गया कि वह प्रतापगढ़ में मुख्य आरक्षी के पद पर तैनात है। उसका वह कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे। पीड़ित का कहना है कि इस मामले में न्यायालय की शरण ली गई। अदालत ने प्रकरण को गंभीर मानते हुए पिपरी थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र राय ने बताया कि प्रेमलता मिश्र के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।