मारकुंडी पहाड़ी पर स्थित पिकनिक स्पाॅट सोन ईको प्वाइंट।
जनपद में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। यहां पुरातात्विक महत्व का फासिल्स पार्क, विजयगढ़ और अगोरी दुर्ग किला होने के साथ पिकनिक स्पॉट के रूप में मुक्खा फाल, सोन इको प्वाइंट जैसे महत्वपूर्ण स्थल हैं, जहां सैलानियों की आमद होती है, लेकिन यह सभी स्थल उपेक्षित हैं। पर्यटन स्थलों के रखरखाव का इंतजाम नहीं है।
प्राकृतिक संपदाओं से परिपूर्ण सोनभद्र में पर्यटन स्थल के रूप में कोई खास स्थल विकसित नहीं हुए। पर्यटन विभाग ने यहां कुछ स्थलों को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रयास किया लेकिन उन स्थलों को सही मायने में वह मुकाम हासिल नहीं हो सका, जो मिलना था। सदर ब्लॉक के सलखन ग्राम पंचायत में पुरातात्विक महत्व का फासिल्स पार्क है जो कभी यहां समुद्र होने का प्रमाण है।
पर्यटन के नजरिए से यहां पर्यटकों के बैठने आदि की व्यवस्था की गई लेकिन उसकी सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं। यहां आने वाले अक्सर यहां के पत्थर तोड़कर ले जाते हैं। सुरक्षा का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल में ही गर्मी में फासिल्स पार्क के एक हिस्से में आग लग गई थी और घंटों बाद उसे बुझाया जा सका था जबकि यहां किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध है। जिले में विजयगढ़ दुर्ग और अगोरी स्थल भी है जहां अक्सर लोगों का आना जाना होता है।
विजयगढ़ दुर्ग पर सीढ़ियों आदि की मरम्मत विधायक निधि से कराई गई। मार्ग निर्माण हुआ लेकिन वह मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे सैलानियों को आवागमन में परेशानी होती है। विजयगढ़ दुर्ग पर बाबा मीरान शाह की मजार है, जहां प्रतिवर्ष उर्स के मौके पर लाखों लोग इकट्ठा होते हैं। अगोरी किले को पर्यटन क्षेत्र में विकसित करने के लिए कोई कार्य नहीं हुआ। यहां जाने वाला मार्ग बालू खदानों के ईर्द-गिर्द से होकर गुजरता है। पूर्व में ओवरलोड ट्रकों के संचालन से रास्ता क्षतिग्रस्त हो गया है।