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किसानों को वैज्ञानिक खेती करने का बताया तरीका

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आजादी के अमृत महोत्सव के तहत बृहस्पतिवार को राबर्ट्सगंज के सिविल लाइंस रोड स्थित एक लॉज में किसानों और वैज्ञानिकों के बीच वर्चुअल संवाद कार्यक्रम हुआ। फार्ड फाउंडेशन के बैनर तले सोनभद्र में एक हजार से ज्यादा किसान ऑफलाइन व ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे। इसमें किसानों को वैज्ञानिक खेती का तरीका बताया गया।
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केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र प्रसाद ने कहा कि बायोटेक किसान परियोजना किसानों के विकास व सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। किसानों की आय में वृद्धि भी हो रही है। उन्होंने कहा कि आज का किसान पारंपरिक पद्धतियों से आगे बढ़कर कृषि टेक्नोक्रैट व कृषि उद्यमी बन गया है। कृषि एवं विज्ञान ऐसे दो क्षेत्र हैं, जिनके आधार पर भारत विश्व गुरु बनने की राह पर अग्रसर है। कृषि वैज्ञानिक एवं फार्ड फाउंडेशन के अध्यक्ष व बीएचयू के पूर्व कुलपति प्रो. पंजाब सिंह ने बताया कि चार आकांक्षी जिले में फाउंडेशन के प्रयासों से लगभग एक हजार किसानों को बायोटेक किसान परियोजना का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि महिला किसान व उद्यमी भी इस परियोजना के माध्यम ने आत्मनिर्भर बन रही हैं। कार्यक्रम को सोनवैली एफपीओ के निदेशक सत्यप्रकाश देव पांडेय, नागेंद्र त्रिपाठी, उमामहेश्वर एफपीओ के निदेशक विनोद पांडेय, नवीन सिंह, रामनाथ रघुनाथ एफपीओ के निदेशक कौशलेश पाठक, फार्ड फाउंडेशन के मधुकर पटेल आदि रहे।
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