राबर्ट्सगंज नवीन सब्जी मंडी परिसर में गेहूं की खरीद करते कर्मी।
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गेहूं खरीद की समय सीमा 22 जून तक बढ़ाने के बाद भी कई किसानों के उपज की खरीद नहीं हो सकी। मंगलवार को अंतिम दिन गेहूं बेचने के लिए पूरे दिन किसान ट्राली पर गेहूं लादकर क्रय केंद्र के बाहर डटे रहे, लेकिन कई लोगों को निराशा हाथ लगी। टोकन देने के बाद भी पूरा गेहूं उतारे बिना उन्हें लौटा दिया गया। हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि सत्यापन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जा चुका है।
जिले में एक अप्रैल से 15 जून तक कुल 57 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद की गई। विपणन विभाग से जारी आंकड़ों पर ध्यान दें तो गेहूं खरीद के लिए कुल 18589 किसानों ने पंजीकरण कराया था लेकिन इसमें से केवल 17313 किसानों का ही ऑनलाइन सत्यापन हुआ। 15 जून तक करीब 15400 किसानों का टोकन से और 276 किसानों का बिना टोकन के गेहूं खरीद किया जा चुका था। 15 जून के बाद मंडी समिति की दो केंद्र को छोड़कर बाकी सभी क्रय केंद्रों पर खरीद बंद कर दी गई। सत्यापन कराने के बाद क्रय केंद्रों पर नंबर लगाए जिन किसानों का गेहूं खरीद नहीं हो सका था उनकी खरीद मंडी समिति पर होना था। इसकी जानकारी होने पर किसान ट्रैक्टर-ट्राली पर गेहूं लादकर मंडी समिति पहुंचे। 22 जून तक कई किसानों का गेहूं खरीद हुआ। बावजूद इसके कई किसान गेहूं बेचने से वंचित रह गए। मंगलवार को शाम पांच बजे तक कई किसान क्रय केंद्र पर डटे रहे।
जितने किसानों का गेहूं खरीद के लिए सत्यापन हुआ है, उन सभी का गेहूं खरीद किया जा चुका है। सिर्फ उन्हीं का तौल नहीं हो सका है जो दोबारा गेहूं लेकर क्रय केंद्र पहुंचे है। उनका अंगूठे का निशान ऑनलाइन न लेने से गेहूं तौल नहीं हो सका है। - देवेंद्र सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी।