कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते भारतीय किसान संघ के लोग।
सूखे से प्रभावित सभी किसानों को सूखा राहत योजना के तहत लाभ दिए जाने समेत अन्य मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट में मंगलवार को भारतीय किसान संघ के बैनर तले किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। जिले में स्थित कल-कारखानों में स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी दिए जाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद किसानों ने जिलाधिकारी को मांगपत्र सौंपा।
सभा को संबोधित करते हुए जिलामंत्री डा. सच्चिदानंद द्विवेदी ने कहा कि जिले के खनन, क्रशर प्लांट और कल कारखानों से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है और इसका जनपदवासियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके बावजूद यहां के बेरोजगारों को कल कारखानों में नौकरी नहीं मिल रही। अध्यक्षता कर रहे रामजी सिंह मौर्य ने कहा कि जिले में सूखा राहत के वितरण में घोर अनियमितता बरती गई है। 15 हजार प्रति हेक्टेयर के हिसाब से किसानों को मुआवजा दिया जाए।
संरक्षक फूलचंद्र सिंह पटेल ने कहा कि महंगाई के अनुपात में समर्थन मूल्य भी नहीं बढ़ाया गया। सब्जी की खेती को फसल बीमा योजना के दायरे में लाया जाए। काशी प्रांत के प्रांत अध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत काफी खराब है। मानक के अनुसार ग्रामीण इलाकों में सड़कें बनाई जाए और सोन लिफ्ट के दो पंप से लोढ़ी, अमौली, रघुनाथपुर और रजवन बंधी को भरा जाए। प्रदर्शन में प्रभूपाल सिंह, महेंद्र जायसवाल, बिमलेश सिंह, रामअनुग्रह सिंह, सदानंद सिंह, हिरालाल सिंह, राजेश सिंह, हिमांशु सिंह, राजेश सिंह, दयाराम सिंह, नंदलाल सिंह, पारसनाथ, लवकुश आदि रहे।