बताया कि सनातन परंपरागत विधान है कि जल वर्षा के स्वामी भगवान वरुण देव हैं। पहले से ही अच्छी बरसात के लिए वरुण देवता के पूजन प्रार्थना का विधान है। भरोसा जताया कि हृदय से की गई कामना कभी अधूरी नहीं होती। निश्चित रूप से संतुलित बरसात होगी, जिससे किसानों के घर धन धान्य से परिपूर्ण होंगे और देश का आर्थिक विकास भी होगा। आचार्य अवधेश तिवारी ने विधि विधान से पूजन कराया।