चार दिनों से जारी बारिश के कारण पारा लुढ़कने से प्रदेश में बिजली की मांग में भारी कमी दर्ज की गई है। बुधवार सुबह तक मांग में दो हजार मेगावाट से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
प्रदेश में पिछले पांच दिनों से हो रही बारिश की वजह से तापमान में व्यापक गिरावट होते ही बिजली की मांग में कम हो गई। बुधवार सुबह प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग 18046 मेगावाट पहुंच गई। न्यूनतम मांग तो 10 हजार मेगावाट से भी कम 9556 मेगावाट रही जबकि मंगलवार सुबह अधिकतम मांग 20 हजार मेगावाट पर थी। मांग में कमी के कारण तकनीकी खराबी से कई इकाइयों के बंद होने के बाद भी जल विद्युत से उत्पादन बंद करा दिया गया। इस दौरान लैंको परियोजना की दोनों इकाइयों से पूर्ण क्षमता से विद्युत उत्पादन होने से प्रदेश में बिजली किल्लत की स्थिति नहीं रही।
अनपरा की दो इकाइयों से उत्पादन ठप
अनपरा। तकनीकी खराबी के कारण अनपरा की दो इकाइयों से विद्युत उत्पादन ठप होने के कारण परियोजना के उत्पादन में गिरावट दर्ज की गई है। सीजीएम इं. आरसी श्रीवास्तव ने बताया कि एयर फ्री हीटर में खराबी के कारण 500 मेगावाट की छठी इकाई को मंगलवार रात में शट डाउन लिया गया है। ब्वायलर ट्यूब लीकेज के कारण 210 मेगावाट की दूसरी इकाई भी बुधवार सुबह बंद हो गई। दोनों इकाइयों का अनुरक्षण प्रारंभ हो गया है। निर्धारित समय सीमा के भीतर इकाइयों को उत्पादनरत कर लिया जाएगा। परियोजना की अन्य पांच इकाइयों से पूर्ण क्षमता से उत्पादन किया जा रहा है।