अनपरा। हिण्डालको रेणुसागर पावर डिवीजन के एक अधिकारी पर दो युवकों को रेणुसागर परियोजना में नौकरी दिलाने के नाम पर 12 लाख रूपये लेकर फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने का आरोप लगाया गया है। पीड़ितों की शिकायत पर गाजीपुर पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खातों की जांच कर हिण्डालको प्रबंधन से पूरे प्रकरण में रिपोर्ट मांगी है।
गाजीपुर निवासी पीड़ित इं. विजय कुमार व शुभम कुमार ने आरोप लगाया है कि रेणुसागर पावर डिवीजन में कार्यरत एक अधिकारी ने रेणुसागर में नौकरी लगवाने के लिए 12 लाख रूपये की मांग की थी। अलग-अलग तिथियों में अधिकारी के खाते में रुपये भेजते रहे। काफी समय व्यतीत होने के बाद भी नौकरी नहीं लगने पर उन्होंने जब रुपये वापस करने का दबाव बनाया तो अधिकारी ने हिंडालको के लेटर हेड पर फर्जी ज्वाइंनिग लेटर थमा दिया। इसके बाद भी जब ज्वाइन नहीं हुई तो अधिकारी से रुपये की मांग करने लगे। रुपये वापस न मिलने पर पीड़ितों ने गाजीपुर जिले के मरदह थाने में इसकी शिकायत की। पीड़ितों की शिकायत पर रेणुसागर पहुंचे गाजीपुर मरदह थाने के इंचार्ज कमलेश पाल ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि परियोजना प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को पूरे मामले से अवगत कराते हुए बात की गई है। इसके अलावा आरोपी अधिकारी का बैंक खाते की डिटेल भी खंगाली गई है। परियोजना के अधिकारियों से कुछ कागजात भी मांगे गए हैं। इस संबंध में रेणुसागर परियोजना के एचआर हेड शैलेष विक्रम सिंह ने बताया कि कंपनी की तरफ से कोई भी नियुक्ति पत्र 2018 के बाद से किसी को भी जारी नहीं किया गया है।