सोनभद्र। लोक आस्था के महापर्व छठ का उत्साह सोमवार को चरम पर रहा। चार दिवसीय पर्व के तीसरे जिले के करीब 60 घाटों पर एक लाख से अधिक व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को अर्घ्य दिया। इसके अलावा गांवों में पोखरा-तालाब और अस्थाई जलाशय बनाकर भी छठ पूजा की गई। मंगलवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ महिलाएं व्रत पूरा करेंगी। घर से लेकर घाटों तक छठ की अलौकिक छटा छाई रही। हर कोई श्रद्धा से सराबोर नजर आया।
रॉबर्ट्सगंज के अकड़हवा पोखरा, रामसरोवर तालाब, बढ़ौली पोखरा, पुसौली पोखरा, मेहुड़ी नहर सहित अन्य छठ घाटों पर दोपहर तीन बजे से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हुआ था। सिर पर पूजन सामग्री से भरी दौरी लेकर पुरुष सदस्य आगे चल रहे थे तो उनके पीछे मंगल गीत गाती हुई महिलाएं हाथों में कलश लेकर घाट की ओर बढ़ती रहीं।मन्नत पूरी होने पर तमाम महिलाएं दंडवत करते हुए छठ घाट पहुंचीं। इस दौरान घाटों पर साफ-सफाई व सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
सदर विधायक भूपेश चौबे ने भी पत्नी तृप्ति चौबे के साथ अकड़हवा पोखरा पर पहुंचकर पूजा की। राज्य मंत्री संजीव गाेंड ने पत्नी लीला देवी के साथ डाला के बाड़ी स्थित सोन नदी तट पर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया। चोपन में सोन नदी के तट को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। यहां देर शाम वाराणसी की तर्ज पर सोन नदी की आरती भी हुई। इसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
उधर, शाहगंज बाजार, ढुटेर, सहुआर, खजूरी, राजपुर, बालडीह, बंधा, सोतिल, उदार, गौरी शंकर, लसड़ी, डाभा, इनाम, कुसी निस्फ, बरौली समेत अन्य गांवों में तालाब के तट पर बने छठ घाट पर पहुंच व्रती महिलाएं अर्घ्य दिया। बभनी: क्षेत्र के बभनी, चपकी, असनहर, सागोबांध, रंदह, आसनडीह, घघरी, संवरा, डूभा, भंवर, अरझट, चौना, बैना, चैनपुर, मचबंधवा आदि स्थानों पर छठ पूजा की गई।
बीजपुर: जरहा के अजीर नदी के छठ घाट पर सोमवार की शाम भगवान भास्कर को अर्घ्य देने के लिए क्षेत्र के श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा रहा। अजीरेश्वर धाम परमार्थ जन सेवा ट्रस्ट न्यासकर्ता अध्यक्ष राजेंद्र सिंह बघेल व समिति के पदाधिकारियों की ओर से अर्घ्य देने की संपूर्ण व्यवस्थाएं की गई थी। एनटीपीसी रिहंद परियोजना परिसर के सूर्य कुंड, शिव मंदिर, बीजपुर बाजार, दूदहिया मंदिर सहित ग्रामीण इलाकों में छठ घाटों पर अर्घ्य देकर छठी मइया की आराधना की।
घोरावल: नगर के दशमिहवा तालाब और थनहवा तालाब पर सोमवार को भारी भीड़ रही। एसडीएम आशीष त्रिपाठी लगातार प्रशासनिक व्यवस्था की कमान संभाले रहे। नगर पंचायत अध्यक्ष सूरज श्रीवास्तव, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश कुमार, जिला पंचायत सदस्य नीरज श्रीवास्तव मौजूद रहे।
विंढमगंज: सततवाहिनी तट पर हजारों की संख्या में व्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया। विशाल सूर्य मंदिर के ठीक सामने काशी से आए हुए विद्वान ब्राह्मणों ने महाआरती की। पूजा छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार के हजारों लोग ने भाग लिया। सन क्लब सोसायटी के अध्यक्ष अभिषेक प्रताप सिंह और किंशू सिंह के नेतृत्व में सूर्य मंदिर के साथ भारतीय इंटर कॉलेज के खेल मैदान, सतत वाहिनी नदी पर बने छठ घाट को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
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परिवार के लिए सुख-समृद्धि का आशीष मांगा
ओबरा। डाला छठ पर्व सोमवार को नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में पूरे श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दौरान व्रतियों ने रेणु नदी तट स्थित छठ घाट एवं नगर में विभिन्न छठ घाटों पर पहुंचकर अस्तालचगामी सूर्य को पहला अर्घ्य दिया। इसके पूर्व बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजन की दउरी सिर पर रख तथा कंधे पर गन्ना लिए घाट पर बनी वेदी के समीप पहुंचे। पूजन के दौरान व्रती महिलाएं छठ मइया के गीत गाती हुई पूजन स्थल की ओर बढ़ रही थीं। नगर के सेक्टर नौ, बिल्ली पोखरा, खैरटिया बंधी, आरती चित्र मंदिर ग्राउंड, सेक्टर आठ, दस, मालवीय नगर, ओबरा डैम सहित 12 से ज्यादा स्थानों पर हो रही छठपूजा को लेकर पूरा नगर क्षेत्र भक्ति के सागर में डूबा दिखाई दिया। प्रभारी निरीक्षक ओबरा विजय कुमार चौरसिया, चौकी इंचार्ज विष्णु प्रभा सिंह कई थानों की पुलिस व जवान पूजास्थलों पर मुस्तैद रहे।
दुबई से आकर मनोज ने की छठ पूजा
कोन। आस्था का महापर्व छठ पूजा करने के लिए हर वर्ष मनोज कुमार गुप्ता दुबई से अपने घर कोन पहुंचे हैं। अपनी पत्नी सविता देवी के साथ पूरी आस्था के साथ छठ पूजा कर रहे हैं। कोन निवासी मनोज 15 वर्षों से दुबई में नौकरी कर रहे हैं। वह वर्ष में एक बार छठ पूजा करने प्रत्येक कोन आते हैं और पत्नी के साथ पूरे विधि-विधान से छठ पूजा करते हैं। सोमवार की शाम भी दोनों पांडू नदी में अस्ताचलगामी सूर्य अर्घ्य देकर सुख समृद्धि की कामना की। शाम को बरसात होते रहने से व्यवस्थापकों को दिक्कत हुई। बारिश होने से व्रतियों को भी काफी परेशान होना पड़ा।
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बारिश के बाद भी कम नहीं हुआ उत्साह
दुद्धी। छठ पूजा पर सोमवार को भारी संख्या में महिला एवं पुरुष व्रतधारियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर घर-परिवार एवं समाज की मंगल कामना की। सायं तीन बजे से ही भक्तों का रेला नगर के ऐतिहासिक शिवाजी तालाब, लौवा नदी घाट बीड़र, लौवा नदी घाट मल्देवा, लकड़ा बांध धनौरा, कनहर समेत अन्य घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया। करीब साढ़े तीन बजे शुरू हुई बेमौसम बारिश ने थोड़ा विघ्न डाला, मगर इससे श्रद्धालुओं का हौसला नहीं डिगा। दोगुने उत्साह से वह पूजा में लगे रहे। घाट पर मां गंगा आरती एवं देवी जागरण आकर्षण के केंद्र रहे। कानून व्यवस्था के मद्देनजर एडीएम रोहित यादव, एसडीएम निखिल यादव, सीओ राजेश कुमार राय, तहसीलदार अंजनी गुप्ता, नायब तहसीलदार ज्ञानेन्द्र कुमार, ओमप्रकाश सिंह व ईओ अमित कुमार ने घाटों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। जय बजरंग अखाड़ा समिति द्वारा स्थापित कंट्रोलरूम से पर्व की महत्वा आदि पर प्रकाश डाला जा रहा था। इस मौके पर कन्हैया लाल अग्रहरि, चेयरमैन कमलेश मोहन, जेबीएस अध्यक्ष पंकज जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेन्द्र गुप्ता, कमल कानू, पंकज कुमार बुल्लू आदि व्यवस्था में लगे रहे। संचालन रामपाल जौहरी, अविनाश कुमार ने संयुक्त रूप से किया।
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व्रती महिलाओं की प्रतिक्रिया:
छठ पूजा हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह हमारे पति और परिवार के सुख-समृद्धि के लिए है। हम 36 घंटे का व्रत रखते हैं और भगवान सूर्य को अर्घ्य देते हैं। -सरिता शुक्ला।
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छठ पूजा हमें प्रकृति के करीब लाती है। हम भगवान सूर्य और छठी मैया की पूजा करते हैं और उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं। पिछले 35 वर्ष से पूजा कर रही हूं। -मोना मिश्रा।
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छठ पूजा हमारे परिवार की एकता और प्रेम का प्रतीक है। हम सभी एक साथ मिलकर पूजा करते हैं और अपने परिवार के सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। -बीना केशरी।
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छठ पूजा हमें अपने परिवार के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाती है। हम अपने परिवार के लिए व्रत रखते हैं और उनकी सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। -आशा सोनी।
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छठ पूजा हमारे लिए एक पवित्र त्योहार है। हम भगवान सूर्य की पूजा करते हैं और उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं। -बीना जालान।
रॉबर्ट्सगंज मेहुडी नहर में छठ पूजन करती व्रती महिलाएं। संवाद