सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज स्थित डायट परिसर में मंगलवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया। पिछले आयोजनों में हुईं गड़बड़ियों को देखते हुए इस बार प्रशासन सतर्क रहे। प्रत्येक जोड़े की छानबीन की गई। फेस रिकग्नाइजेशन एप के जरिये उनका चेहरा मिलाया गया और अंगूठे के निशान लिए गए। पहचान सत्यापन के बाद ही जोड़े विवाह मंडप तक पहुंचे। कुल 400 जोड़ों का विवाह हुआ। इसमें 395 हिंदू और 5 मुस्लिम जोड़े शामिल थे।
सामूहिक विवाह का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाज कल्याण राज्य मंत्री संजीव कुमार गोंड, अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार और सीडीओ जागृति अवस्थी ने किया। विवाह के बाद सभी जोड़ों में उपहार स्वरूप 25 हजार रुपये मूल्य का सामान वितरण किया गया। सीडीओ जागृति अवस्थी सामूहिक विवाह की तैयारियों को खुद परखती रहीं।
सामूहिक विवाह के लिए पंजीकरण कराए वर-वधू का पहले फेस रिकग्नाइजेशन और बायोमेट्रिक सत्यापन हुआ। इसके पश्चात विवाह स्थल पर प्रवेश दिया गया। विवाह के दौरान वर-वधू के साथ परिवार के चार सदस्यों को ही विवाह मंडप में जाने दिया गया। शेष बरातियों को बैरिकेडिंग के बाहर टेंट में बैठने की व्यवस्था की गई थी। आचार्य सौरभ चतुर्वेदी के साथ ही अन्य आचार्यों ने हिंदू जोड़ों का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संपन्न कराया।
समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड ने एक जोड़ी वर-वधू का वैदिक रीति रिवाज से विवाह संपन्न कराया। साथ ही उपहार स्वरूप चांदी की पायल, बिछिया और वस्त्र प्रदान किया। अपने संबोधन में मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार में गरीब कन्याओं का विवाह कराया जा रहा है।
सामूहिक विवाह की धनराशि 51 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है। इससे पहले समाज कल्याण अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया और जिला पूर्ति अधिकारी ध्रुव गुप्ता ने आए अतिथियों का स्वागत किया। समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी व्यवस्था में जुटे रहे। सीओ सिटी रणधीर मिश्रा सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। मंच संचालन एनआरएलएम के जिला प्रबंधक एमजी रवि ने किया।
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टोकन के माध्यम से दिए गए सामान
सामूहिक विवाह सकुशल संपन्न हो सके और सभी जोड़ों को सामान उपलब्ध हो जाए, इसके लिए टोकन सिस्टम से उपहार स्वरूप सामान का वितरण किया गया। सबसे पहले विवाह से संबंधित सामान जोड़ों को दिया गया। विवाह संपन्न होने के बाद 25 हजार रुपये मूल्य का सामान उपहार स्वरूप सभी जोड़ों को दिया गया। सभी जोड़ों को सगुन के लड्डू भी दिए गए। विवाह के पश्चात सभी जोड़ों को सामूहिक विवाह का प्रमाण पत्र बांटा गया। विवाह में आए लोगों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए नवविवाहितों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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सामूहिक विवाह स्थल का विधायक ने लिया जायज
सदर विधायक भूपेश चौबे ने सामूहिक विवाह शुरू होने से पहले विवाह स्थल पहुंचकर वहां का जायजा लिया। वर-वधुओं से मुलाकात की। इसके बाद वह चले गए। उनके साथ नगवां ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह, जिला पंचायत सदस्य मोहन कुशवाहा आदि शामिल रहे। वर-वधू पक्ष के लोगों के कपड़े बदलने के लिए अलग-अलग टेंट लगाए गए थे।