डीएम चंद्र विजय सिंह ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले 37 बिंदुुओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। कोटे की रिक्त दुकानों के लिए कोटेदार के चयन में सुस्ती पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिला पूर्ति अधिकारी से स्पष्टीकरकण तलब किया।
बैठक में डीएम ने कहा कि किसी भी विभाग का कार्य अन्य विभाग के कारण बाधित न रहे। सभी विभाग आपस में समन्वय बनाकर काम करें। निर्माण कार्यों में किसी प्रकार शिथिलता और लापरवाही न बरती जाए। निर्धारित समयावधि में कार्य को पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण तरीके से हर हाल में पूरा कराएं। उन्होंने राशन वितरण, कोटेदार के चयन आदि प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली तो पता चला कि कोटेदार के चयन प्रक्रिया में एक माह से कोई कार्य नहीं किया गया है। इस पर नाराजगी जताते हुए डीएसओ को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत, कृषि बीज उर्वरक, रसायन, गौवंश, पशु टीकाकरण, स्वच्छ भारत मिशन-शहरी व ग्रामीण, मनरेगा, पेेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेयजल, राशन कार्ड आदि योजनाओं के तहत संचालित कार्यों का समीक्षा करते हुए पात्रों को लाभ पहुंचाने का कार्य शत-प्रतिशत करने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि मेरा प्लास्टिक मेरी जिम्मेदारी अभियान में सभी विभाग के अधिकारी अपने अधीनस्थों को अभियान में सहभागिता निभाने के लिए निर्देेशित करें। सभी अधिकारी भी सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग से बचें। उन्होंने ज्येष्ठ खान अधिकारी को चिह्नित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा शीघ्र लगवाने को कहा ताकि ओवर लोडिंग या अवैध तरीके से संचालित वाहनों की धरपकड़ की जा सके। बैठक में पीडी आरएस मौर्या, डीडी कृषि डीके गुप्ता आदि मौजूद रहे।