सोनभद्र। प्लास्टिक मुक्त पंचायत बनाने की मुहिम अब बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को बीडीओ राॅबर्ट्सगंज उत्कर्ष सक्सेना ने ग्राम पंचायत अमौली पहुंचकर ग्रामीणों के साथ अभियान में हिस्सा लिया। उन्हें प्लास्टिक कचरे का नुकसान समझाते हुए अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। गांव के लोगों के सहयोग से बिखरे प्लास्टिक जुटाए। गांव में 112 घरों पर बोरिया टांगी गईं।
बीडीओ ने कहा कि गांव की सीमा में फेंके गए एक-एक प्लास्टिक को जुटाना है। ग्राम प्रधान सुरेश शुक्ला ने घरों में जाकर कूड़े के रूप में बिखरे प्लास्टिक जुटाए और ग्राम पंचायत को प्लास्टिक मुक्त करने में सहयोग की अपील की। बीडीओ ने हाथ में बोरी लेकर गालियों एवं खेतों में से प्लास्टिक इकट्ठा किया। कहा कि प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग खतरे का संकेत है। इस अभियान से खतरे को कम कर सकते हैं। कहा कि बोरी टांग कर लोगों को जागरूक करना है कि प्लास्टिक बाहर फेंकने के बजाय बोरी में रखें। अभियान में एडीओ पंचायत महिपाल लाकड़ा, डीसी अनिल केसरी आदि उपस्थित रहे।
ब्लॉक को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर चर्चा
दुद्धी। स्थानीय बीआरसी परिसर में बृहस्पतिवार को हुई संगोष्ठी में ब्लॉक को प्लास्टिक मुक्त बनाने पर चर्चा की गई। मुख्य अतिथि एसडीएम निखिल यादव ने गांवों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए प्रधानों व अध्यापकों से हर घर पर एक-एक बोरी रखने की अपील की।
बीडीओ राम विशाल चौरसिया ने सभी प्रधान और अध्यापकों से कहा कि अपने विकासखंड को प्लास्टिक मुक्त बनाना है। इसके लिए सभी ग्राम प्रधान अपने घर, पंचायत भवन, स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र पर बोरी टांगें। एडीओ पंचायत आशुतोष श्रीवास्तव ने कहा कि प्रधान चाह लें तो इस ब्लॉक को प्लास्टिक मुक्त कर सकते हैं। इस अभियान में स्कूलों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। अध्यापकों से अपील की कि प्लास्टिक की समस्या रोजाना प्रार्थना सभा में बच्चों को बताएं। अपने स्कूल पर एक बोरी जरूर टांगे और स्कूल में प्रयोग होने वाला प्लास्टिक उसी बोरी में रखें। कार्यक्रम का समापन बीईओ महेंद्र मौर्य ने किया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रजखड़ बृजेश कुशवाहा, ग्राम प्रधान दिनेश यादव, बुंदेल चौबे, निरंजन जायसवाल, त्रिभुवन यादव आदि मौजूद रहे।