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सिंचाई विभाग की मनमानी से हर साल बारिश में डूब जाते हैं खेत

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शाहगंज राजवाहा के किमी 16.8 पर निकाले गए साइफन को पूर्व की तरह स्थापित करने की मांग को लेकर किसानों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को डीएम से मिला। किसानों ने सिंचाई विभाग पर मनमानी का आरोप लगाया। फसल बचाने के लिए बारिश से पहले तत्काल पूर्व की तरह साइफन लगवाने की मांग की।
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प्रतिनिधिमंडल में शामिल किसानों ने बताया कि शाहगंज राजवाहा के निर्माण के समय ही किमी 16.8 पर साइफन लगाया गया था। इसके जरिए परासी दुबे, अधवार, ऊंचडीह गांवों का पानी नहर होते हुए आगे निकल जाता था। वर्ष 2017 में नहर की सफाई के दौरान मनमाने ढंग से साइफन निकाल दिया गया। इसके बाद से खेतों का स्वरूप बदल गया। बारिश होने पर तीनों गांवों में करीब 40 बीघा भूमि हर सीजन में जलमग्न हो जाती है। 17 परिवारों के दो सौ से अधिक लोग लंबे समय से इस संकट से जूझ रहे हैं। इस बारे में कई बार शिकायत की गई। पूर्व में एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने मौके पर जांच कर विवाद सुलझाते हुए साइफन लगवाने का निर्देश देते हुए टीम भी गठित की, लेकिन दूसरी तरफ के प्रभावशाली लोगों के चलते सिंचाई विभाग के अफसर मामले को टालते जा रहे हैं। इस बार खरीफ की खेती का दौर शुरू हो गया है। मानसून आने वाला है। ऐसे में समय रहत साइफन नहीं लगवाया जाता तो फिर से उनकी खेती चौपट हो जाएगी। उन्होंने सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अफसरों के कार्यप्रणाली की जांच की भी मांग की। डीएम चंद्र विजय सिंह ने किसानों को समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने वालों में अरुण कुमार शुक्ला, श्यामजी द्विवेदी, नित्यानंद द्विवेदी, श्याम सुंदर, दिनेश, विनय, सुभाष, रामगोपाल, शशिकांत पांडेय, शिवनाथ यादव आदि शामिल रहे।
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