सोनभद्र। वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग (5ए) पर आवागमन सुगम बनाने के लिए चौड़ीकरण और फ्लाईओवर निर्माण के साथ शुरू हुआ जलभराव लाइलाज बनता जा रहा है। आवागमन करने वालों के साथ जिला मुख्यालय की एक बड़ी आबादी आठ साल से जलभराव की समस्या झेल रही है। जरा सी बारिश से तीन किमी का क्षेत्र तालाब में तब्दील हो जाता है। चौड़ीकरण-फ्लाईओवर निर्माण के पूर्व बने नाले कहां गए, इसे लेकर सवाल तो उठ ही रहे हैं, अब इस मसले पर आरोप-प्रत्यारोप के साथ सियासत भी गरमाने लगी है। व्यापारी भी आंदोलन की तैयारी में हैं।
वर्ष 2015-16 में वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग का चौड़ीकरण और जिला मुख्यालय पर फ्लाईओवर निर्माण कार्य पूरा हुआ था। हाईवे पर जल निकासी के लिए बनाए गए नाले का नगर की नालियों से जुड़ाव न होने के कारण निचले हिस्सों में जलभराव की समस्या तो सामने आई ही, दक्षिणी छोर पर इमरती काॅलोनी के पास तेज बारिश के दौरान भारी जलभराव की स्थिति ने लोगों को रुलाकर रख दिया। तीन किमी लंबे फ्लाईओवर से जुड़े सर्विस लेन पर भी भारी जलभराव आवागमन में परेशानी का कारण बनता रहता है। इस वर्ष भारी बारिश के साथ ही जलभराव ने खासा गंभीर रुख अख्तियार किया तो आमजन की तरफ से तीखे सवाल उठने लगे। वहीं मसला गरमाने के साथ ही, सियासत भी गरमा उठी और एक दूसरे पर सवाल दागे जाने लगे।
यहां-यहां आई दिक्कत, हुए पत्राचार, नतीजा सिफर
नगरपालिका प्रशासन की तरफ से जनवरी 2021 से अगस्त 2025 के बीच हाईवे की देखरेख के लिए जिम्मेदार एसीपी टोलवेज और जिला प्रशासन को कई पत्र भेजे गए। इंगित किया कि चंडी तिराहा के पास हाईवे के एरिया में 15 से 20 मीटर नाले का कार्य अधूरा है। हाईवे के दोनों किनारों पर स्थित नाले पटे होने से ओवरफ्लो की स्थिति बन रही है। इससे नगर के पश्चिमी पट्टी और आवासीय क्षेत्र में गंदे पानी के भराव की समस्या बार-बार उत्पन्न हो रही है। साइड लेन की जीर्ण-शीर्ण हालत, क्षतिग्रस्त नाले के ढक्कनों और गड्ढों से लोग गिरकर लोग चोटिल हो रहे हैं। जलभराव और फ्लाईओवर से झरने की शक्ल में गिरता पानी मुसीबत बन गया है। इमरती कॉलोनी के पास बनी पुलिया बंद कर देने से 10 गांवों के पानी की निकासी प्रभावित हो गई है। बावजूद इसके कोई हल नहीं निकला।
नहीं दे सकते एनओसी, अनहोनी हुई तो नपा जिम्मेदार
एसीपी टोलवेज की तरफ से इमरती काॅलोनी के पास हाईवे पर होने वाले जलभराव के लिए नपा प्रशासन को जिम्मेदार ठहराकर घटना का नया मोड़ दे दिया गया है। पिछले दिनों जारी पत्र में कहा गया कि 10 गांवों का पानी हाईवे पर आने से जलभराव और दुर्घटना की आशंका बढ़ रही है। इस कारण कोई अनहोनी-दुर्घटना होती है तो नपा प्रशासन जिम्मेदार होगा। इसे लेकर कार्य के लिए नपा प्रशासन ने एनओसी की मांग की तो एसीपी टोलवेज की तरफ से कहा गया कि सर्विस रोड कटिंग, ह्यूम पाइप और यातायात डायवर्जन के लिए एनओसी देना उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है।
दागे जाने लगे एक-दूसरे पर सवाल
जो जनप्रतिनिधि अपने जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं, वह इस्तीफा दे दें। जिस दिन सपा सरकार आ गई 24 घंटे में परिवर्तन दिखेगा। मुख्यालय की समस्या हल न करा पाने वाले सदर विधायक को भी इस्तीफा दे देना चाहिए। -अविनाश कुशवाहा, पूर्व विधायक व राष्ट्रीय सचिव सपा।
सपा ने मुख्यालय पर बेहद खराब डिजाइन का फ्लाईओवर बनाकर मुख्यालय की सड़क को रपटा बना दिया है। इससे लोग जलभराव का दंश झेलने के लिए विवश हैं। हाईवे चौड़ीकरण के पूर्व के नाले कहां गए, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है। -भूपेश चौबे, सदर विधायक।
सपा ने मुख्यालय पर ऐसा अनोखा फ्लाईओवर बनवाया है जिसने नगर की सुंदरता पर ग्रहण लगा दिया है। इसके चलते पानी का निकास प्रभावित होने से निचले हिस्सों में भारी जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है। सीएनडीएस की तरफ से बनवाए जा रहे नाले का गलत तरीके से निर्माण भी जलभराव की वजह है। -रुबी प्रसाद, नगर पालिका अध्यक्ष।