नगवां ब्लॉक के सेमरिया गांव के पास कर्मनाशा नदी पर पक्का पुल का निर्माण अधूरा है। कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड द्वितीय की तरफ से मार्च तक पुल का निर्माण पूरा करने का दावा किया था, मगर मौके पर अभी 85 फीसदी भी पुल का निर्माण नहीं हो सका है। ऐसे में मार्च तक पक्का पुल का निर्माण होना मुश्किल लग रहा है। पुल का निर्माण पूरा होने में चार से छह माह का समय लगेगा।
जिले के नगवां ब्लॉक मुख्यालय से सेमरिया होते हुए केतार-किरहुलिया जाने वाले संपर्क मार्ग पर कर्मनाशा नदी पर लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड द्वितीय पुल का निर्माण करा रहा है। करीब 13 करोड़ की लागत से कर्मनाशा नदी पर बन रहे पुल का निर्माण पिछले साल मार्च में पूरा होना था, मगर एनओसी मिलने में देरी की वजह से छह माह पुल का निर्माण कार्य देर से शुरू होने की वजह से पिछले साल निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।
पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड द्वितीय के एक्सईएन गोविंद यादव ने मार्च 2025 तक पुल का निर्माण पूरा करने का दावां किया था। मगर मौके पर अभी पुल निर्माण के नाम पर सात पांवे ही खड़े हुए हैं। इसमें भी एक पांवा का निर्माण अधूरा है। अभी तक पांवा से आगे का काम शुरू भी नहीं हो सका है।
ऐसे में विभागीय अधिकारी मार्च तक पुल का निर्माण कार्य कैसे पूरा करा पाएंगें। पुल के दोनों तरफ सड़क निर्माण भी कराया जाना है। वहीं दूसरी तरफ निर्माण कार्य में जुटे मजदूरों का कहना है कि पुल का निर्माण पुरा होने में अभी कम से कम चार से छह माह का समय और लग सकता है। धीमी गति से हो रहे कार्य से क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है।
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बरसात से पूर्व निर्माण पूरा करने की मांग
कर्मनाशा नदी पर बन रहा यह पुल नगवां और चतरा ब्लॉक के कई गांवों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। आम दिनों में ग्रामीण कर्मनाशा नदी पार करके आवागमन कर लेते हैं। बारिश के दिनों में यह समस्या बढ़ जाती है। ग्रामीणों को चार से पांच किमी अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। ऐसे में क्षेत्र के सेमरिया, वैनी, केतार, किरहुलिया आदि गांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए बारिश से पूर्व पुल का निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।