सोनभद्र। मप्र सीमा पर स्थित अनपरा-शक्तिनगर की तरह ही जिले के बिहार बार्डर का क्षेत्र भी एनर्जी का हब बनेगा। यहां पंप स्टोरेज पर आधारित बिजली परियोजनाएं लगाने के लिए कई निजी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई है। करीब 17 हजार करोड़ रुपये निवेश के साथ ग्रीनको ग्रुप ने 3660 मेगावाट की परियोजना के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। जेएसडब्ल्यू नियो ने 1200 मेगावाट के लिए वन विभाग के साथ जमीन का सर्वे शुरू कर दिया है। ओपेरा पंप हाइड्रो और तेलंगाना के सिद्धनाथ एनर्जी ग्रुप ने भी इस क्षेत्र में पावर प्लांट लगाने की इच्छा जताई है। इसके लिए दोनों कंपनियों ने इंटेंट भी साइन किया है। अब वह विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने में जुटी हैं।
देश की ऊर्जा राजधानी कहे जाने वाले साेनभद्र-सिंगरौली परिक्षेत्र में करीब 22 हजार मेगावाट बिजली तैयार होती है। एनटीपीसी की तीन, राज्य उत्पादन निगम की दो परियोजनाओं के अलावा लैंको, हिंडाल्को, अडानी, रिलांयस व अन्य निजी क्षेत्र की कई परियोजनाएं स्थापित हैं। यह सभी परियोजनाएं पिपरी स्थित रिहंद बांध पर आधारित हैं। फरवरी में हुए उत्तर प्रदेश सरकार के इंवेस्टर्स समिट में पंप स्टोरेज पावर प्रोजेक्ट लगाने के लिए ग्रीनको ग्रुप ने इंटेंट साइन किया था।
कंपनी यहां 3660 मेगावाट बिजली बनाने के लिए 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक निवेश करेगी। इसके लिए सदर तहसील के बैजनाथ गांव और ओबरा तहसील के पिंडारी, रानीडीह सहित छह गांवों में जमीन का सर्वे पूरा हो चुका है। अब तीन अन्य कंपनियां भी पंप स्टोरेज पावर प्लांट लगाने के लिए आगे आई हैं। इसमें जेएसडब्ल्यू नियो ग्रुप ने 1200 मेगावाट की परियोजना के लिए चेरुई, मरकुड़ी, मकड़ीबारी व आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग के साथ संयुक्त सर्वे भी किया है।
ओपेरा व श्री सिद्धनाथ एनर्जी ग्रुप ने भी करीब 15 हजार करोड़ रुपये निवेश के साथ इसी क्षेत्र में पावर प्लांट के लिए इंटेंट भरा है। दोनों कंपनियाें की ओर से सर्वे के लिए अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। यह सभी परियोजनाएं नगवां व कोन ब्लाक के सीमावर्ती क्षेत्र में प्रस्तावित हैं। इन परियोजनाओं की स्थापना से क्षेत्रीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना जताई जा रही है।
पानी स्टोर कर बिजली बनाने में होगा उपयोग
पंप स्टोरेज पावर प्रोजेक्ट के लिए कंपनियां सोन नदी का पानी उपयोग करेंगी। नदी में नीचे से पानी लिफ्ट कर उसे अलग से भंडारित किया जाएगा। इसी पानी का उपयोग बिजली बनाने में होगा। पानी भंडारित करने के लिए छोटे-छोटे बांध भी बनाने की योजना है। पानी संग्रहित होने से बिजली उत्पादन में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
समस्याओं के समाधान के लिए निवेश मित्र तैनात
निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है। इसके लिए जिले में निवेश मित्र की भी तैनाती कर दी गई है। बतौर निवेश मित्र नितिन प्रकाश निवेशकों से संपर्क कर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न विभागों से समन्वय बनाने में लगे हैं, ताकि इंवेस्टर्स समिट में आए ज्यादा से ज्यादा प्रस्तावों को सितंबर में संभावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी तक धरातल पर उतारा जा सके।
पंप स्टोरेज पावर प्लांट के लिए ग्रीनको ग्रुप की ओर से नगवां व कोन ब्लाॅक क्षेत्र के कुल सात गांवों में सर्वे किया जा चुका है। अन्य तीन कंपनियों ने भी इसी क्षेत्र में पावर प्रोजेक्ट लगाने की इच्छा जताई है। उनके प्रस्तावों पर कार्यवाही चल रही है। - आरपी गौतम, उपायुक्त, उद्योग।