करमा थाना क्षेत्र के पुरखास गांव में तालाब की जमीन पर किए गए कब्जे को मंगलवार को प्रशासन ने हटवा दिया। इस दौरान हंगामे की आशंका पर बड़ी तादाद में पुलिस तैनात रही।
घोरावल तहसील क्षेत्र के पुरखास गांव में सैकड़ों वर्ष पुराना असुरैन तालाब है। दिन प्रतिदिन तालाब का रकबा घटता ही जा रहा है। इसे लेकर गांव के ही एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी।
कुछ माह पूर्व तहसीलदार न्यायालय से कच्चे और पक्के 11 अतिक्रमण को चिह्नित कर नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद बेदखली का आदेश भी पारित किया गया था।
वहीं इस बीच तालाब के बांध यानि भींटे के जमीन से कई बार अतिक्रमण करने वाले परिवारों को कब्जा हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया था। अतिक्रमण न हटाने पर मंगलवार को तहसीलदार नटवर सिंह के नेतृत्व में कब्जा हटाया गया।
इस बीच पुलिस और प्रशासन की टीम को जाने के बाद शिकायतकर्ता के परिजनों के साथ मारपीट की गई। सूचना पर डायल 112 के साथ ही करमा पुलिस मौके पर पहुंची।
तहसीलदार ने बताया कि तालाब की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर कच्चे, पक्के मकान, टिन शेड डाल लिया गया था। शिकायत मिलने पर जमीन की नापजोख कराई गई थी। इसमें सरकारी तालाब के जमीन पर कब्जा करने की शिकायत सही पाई गई।
उन्हें कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई थी लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं हटाया था। इसके बाद कार्रवाई की गई। नायब तहसीलदार विदित तिवारी, करमा थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह, शाहगंज थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार के साथ भारी पुलिस बल तैनात रहा।