रायपुर थानाक्षेत्र के नंदना गांव में शुक्रवार की रात इनकाउंटर के डर से हरिवंश चौबे (45) ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घरवालों को शनिवार की सुबह जानकारी हुई। सूचना देने के चार घंटे बाद पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। अधेड़ के शव के पास सूसाइड नोट मिला है। उसमें उसने पुलिस इनकाउंटर के डर से आत्महत्या करने की बात लिखी है।
शुक्रवार की रात करीब दस बजे हरिवंश चौबे भोजन करने के बाद सोने चला गया। शनिवार की सुबह जब गाय लगाने के लिए हरिवंश की खोज की गई तो वह कमरे में नहीं मिला। बाद में मकान के सामने स्थित कच्चे मकान के कमरे में उसकी लाश बड़ेर से लटकी मिली। उसने गमछे से फंदा लगाया था।
ग्रामीणों ने शव उतारा और घटना की सूचना पुलिस को दी। लोगों ने एसपी को भी जानकारी दी। एसपी शिवशंकर यादव ने थानाध्यक्ष को मौके पर जाने के लिए कहा। फिर भी पुलिस घंटों बाद मौके पर पहुंची।
शव के पास सूसाइड नोट मिला। सूसाइड नोट में उसने लिखा था कि - एसपी साहब मैं न नक्सली हूं, न अपराधी और न ही चोर हूं, न ही मेरे और मेरे परिवार के किसी व्यक्ति के विरुद्घ कोई मुकदमा थाने में दर्ज है, तो फिर मेरा और मेरे परिवार का इनकाउंटर क्यों? निवेदन है कि मेरे परिवार का इनकाउंटर न किया जाए।
इसलिए मैं आत्महत्या कर रहा हूं - इस संबंध में रायपुर थानाध्यक्ष सुनील सिंह का कहना है कि हरिवंश चौबे की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसका उपचार चल रहा था, वह गाड़ी देख कर भागने लगता था।