रोजगार के मुद्दे पर मंगलवार को आयोजित त्रिपक्षीय बैठक बेनतीजा रही। इस दौरान प्रशासन व पुलिस के अफसरों की मौजूदगी में विस्थापित संघर्ष समिति, कोल व कंपनी प्रबंधन के अधिकारियों ने अपना पक्ष रखा।
कंपनी की ओर से 40 किमी के परिक्षेत्र में बसे 500 लोगों को रोजगार देने की दलील दी तो गई संघर्ष समिति ने उसकी सूची उपलब्ध कराने की मांग रखी। बैठक दोपहर बाद एनसीएल खड़िया कोयला क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई।
बैठक में मौजूद विस्थापित संघर्ष समिति के पदाधिकारी सत्यप्रकाश भारती, अरविंद दुबे, मुन्नू दुबे आदि ने परियोजना विस्थापित व प्रभावित परिवारों के युवाओं के रोजगार का मुद्दा उठाया।
बताया कि कोयला क्षेत्र के लिए पहले से तय नियमों को शिथिल कर दूसरे प्रदेश व बाहरी लोगों की भर्ती की जा रही है। इस वजह से स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
इस पर कोल प्रबंधन के साथ कंपनी के अधिकारियों ने पक्ष रखा और बताया कि अभी तक पांच सौ से अधिक कामगारों को संविदा के तहत समायोजित किया जा चुका है। यह वहीं लोग हैं जो कोयला क्षेत्र के 40 किमी परिधि में रहने वाले हैं।
इस पर संघर्ष समिति ने समायोजित लोगों की सूची उपलब्ध कराने व असल विस्थापित व प्रभावित उन परिवारों की जानकारी मांगी, जिनको रोजगार दिया जा चुका है। इस पर एसडीएम निखिल यादव ने मातहतों को निर्देश दिया।
प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। इसके बावजूद कोई आंदोलन करता है और आमजन के हित प्रभावित होते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीओ पिपरी अमित कुमार ने नौकरी के नाम पर भ्रष्टाचार की शिकायत पर कहा कि ऐसे मामलों को सामने लाएं, जांच के साथ कार्रवाई होगी। आउटसोर्सिंग कंपनी के नुमाइंदों को भी भर्ती में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया गया। इस दौरान बी. सागर, संजय चौबे, संतोष सागर, उग्रसेन वर्मा आदि मौजूद रहे।