सोनभद्र। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े विद्युतकर्मियों ने निजीकरण के विरोध में सोमवार को अधिशासी अभियंता कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की। ऐसा न होने पर बड़े बैमाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी।
पदाधिकारियों ने कहा कि निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ एक सितंबर से ही विरोध सभाएं हो रही हैं। बीते 18 सितंबर से आंदोलन को विस्तार देते हुए प्रत्येक कार्य दिवस पर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। वक्ताओं ने निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। संघर्ष समिति के इंजीनियर रामेंद्र पांडेय, विनोद कुमार, संतोष दुबे, विश्वनाथ, सत्य प्रकाश, सिद्धार्थ मौर्या, सुजीत पाठक, रंजन शर्मा, आनंद कुमार, राजेंद्र प्रसाद, सिद्धनाथ, दीपक, प्रजापति े चेतावनी दी कि निजीकरण का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो अभियंता व कर्मचारी अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करेंगे। इसके तहत कर्मचारी हड़ताल पर भी जा सकते हैं। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की। समिति के पदाधिकारियों का आरोप था कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का विघटन कर तीन छोटे-छोटे निगम बनाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही चेतावनी दी कि समिति के लोग निजीकरण के खिलाफ 20 अक्तूबर तक मंडल मुख्यालयों पर विरोध सभाएं करके लोगों को जागरूक करेंगे। इस दौरान जनप्रतिनिधियों को निजीकरण के खिलाफ ज्ञापन भी दिए जाएंगे।
निजीकरण के खिलाफ सभा कर जताया विरोध
ओबरा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती से महात्मा गांधी जयंती तक ज्ञापन दो अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत 25 सितंबर से अभियान की शुरूआत की जाएगी।
अभियान के तहत बिजली कर्मी पूरे प्रदेश में लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों व विधानसभा तथा विधान परिषद के सदस्यों को निजीकरण के विरोध में ज्ञापन देंगे। ज्ञापन दो अभियान 25 सितंबर से प्रारंभ होकर महात्मा गांधी की जयंती दो अक्टूबर तक चलेगा। निजीकरण के विरोध में संघर्ष समिति के बैनर तले विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व सदस्यों ने सोमवार को मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष शाम चार से पांच बजे तक विरोध सभा का आयोजन किया। वक्ताओं ने निजीकरण का प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन को विस्तार दिया जाएगा। वक्ताओं ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने व जेल भरो आंदोलन की चेतावनी भी दी। सभा को इं.अदालत वर्मा, इं.अंकित प्रकाश, इं.अभय प्रताप सिंह, दिनेश यादव, राम यज्ञ मौर्य, दीपक सिंह, प्रह्लाद शर्मा ने संबोधित किया। इस दौरान इं.विजय प्रताप कुशवाहा, आरबी सिंह, सराफत अली, कैलाश नाथ, सतीश कुमार, अम्बुज सिंह, उमेश कुमार, श्रीकांत, दीपू गोपीनाथन, शमशाद आदि मौजूद रहे।