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यूपी के आखिरी गांव चौरा में नहीं पहुंची बिजली

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सोनभद्र। गांव-गांव बिजली पहुंचाने का सरकारी दावा भले ही हो, मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बिहार की सीमा से सटा यूपी का अति पिछड़ा गांव चौरा इसका नजीर है। यहां अब तक बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में गांव में बिजली का खंभा लगा और तार खींचा गया लेकिन उसके बाद से अब तक बिजली की आपूर्ति शुरू नहीं की जा सकी। इसका नतीजा है कि गांव के लोग ढ़िबरी और लालटेन की रोशनी में अब भी जीवन यापन कर रहे हैं। लोगों का आरोप है कि सरकार चाहे किसी की भी हो, सुविधाएं उन्हें मयस्सर नहीं हो रही हैं। नगवां ब्लाक की मड़पा ग्राम पंचायत में राजस्व गांव चौरा है। यह गांव चारों ओर पहाड़ों से घिरा हुआ है और बिहार की सीमा से सटा है। ग्राम पंचायत में सरकार की योजनाएं फेल होती नजर आ रही हैं। गांव के रामजतन खरवार, कमेक्षा नारायण, मथुरा सिंह, राजमनी सिंह, सुरेंद्र सिंह, मालिक सिंह खरवार, सत्यनारायण सिंह, सुदामा आदि का कहना है कि कई बार क्षेत्रीय सांसद, विधायक और विद्युत विभाग के अधिकारियों को बिजली की समस्या के बारे में अवगत कराया गया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव के पूर्व प्रधान परमा सिंह, अनंतलाल, शंकर सिंह, जय सिंह, लालव्रत आदि का कहना है कि गांव में जल्दी कोई जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी नहीं आते हैं। अब तो मिट्टी तेल भी नहीं मिलता है, जिससे रात में घर में लालटेन और ढ़िबरी भी जल सके। किसी तरह रात में रोशनी की व्यवस्था की जाती है। मड़पा ग्राम पंचायत के प्रधान अमृत लाल यादव ने बताया कि कई बार पत्र डीएम, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग को दिया गया लेकिन अब तक पता ही नहीं चला। आगे भी अधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा।
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वर्जन.....
चौरा गांव में विद्युतीकरण हुआ है कि नहीं इस बारे में जानकारी नहीं है। पूर्व में विद्युतीकरण की जानकारी नहीं है। काफी पुराना प्रकरण है। क्षेत्रीय अवर अभियंता से गांव का निरीक्षण कराया जाएगा और आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जाएगी। -एसके सिंह, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड राबर्ट्सगंज।
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