प्रदेश के विभिन्न इलाकों में शनिवार रात आई तेज आंधी के कारण बिजली की मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रविवार सुबह पांच हजार मेगावाट की कमी के साथ बिजली की अधिकतम मांग 19294 मेगावाट के स्तर पर आ गई। न्यूनतम मांग भी 13 हजार मेगावाट के नीचे पहुंच गया।
शनिवार शाम से ही प्रदेश के विभिन्न इलाकों में धूल भरी तेज आंधी शुरू हो गई। इस दौरान कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हुई। इसका असर बिजली की मांग पर भी पड़ा। रविवार को बिजली की अधिकतम मांग 24605 मेगावाट से लुढ़ककर 20 हजार मेगावाट से भी नीचे आ गई। तेज आंधी के कारण कई इलाकों में बिजली का तार टूटकर गिर जाने से रात भर उन इलाकों की विद्युत आपूर्ति बाधित रही। बिजली की मांग में कमी का यह भी प्रमुख कारण बताया जा रहा है। रविवार को अवकाश होने व आसमान में छाए बादलों के कारण तपिश व गर्मी का प्रकोप कम हुआ है। इससे दिन में भी बिजली की मांग 16 हजार मेगावाट के आसपास बनी रही।
परियोजनाओं से हुई थर्मल बैकिंग
बिजली की मांग में कमी आते ही विद्युत परियोजनाओं से जहां दिन भर थर्मल बैकिंग होती रही, वहीं हरदुआगंज की सातवीं इकाई को सिस्टम कंट्रोल के निर्देश पर बंद कर दिया गया है। अनपरा परियोजना सहित लैंको की इकाईयों से रविवार को दिन भर थर्मल बैकिंग का क्रम जारी रहा।
ग्रामीण फीडरों से की गई कटौती
बिजली की मांग में कमी के बाद भी ग्रामीण फीडरों से कटौती का क्रम रविवार को भी जारी रहा। केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग ने 21 से 31 मई तक सारनाथ कंट्रोल से जुडे़ ग्रामीण फीडरों को 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का निर्देश जारी किया है। इसके बाद भी ग्रामीण अंचलों में बमुश्किल 12 से 13 घंटे ही बिजली मिल पा रही है।