सोनभद्र। जोरदार बारिश होने के कारण प्रदेश में बिजली की खपत घट गई है। महज चार दिनों के भीतर मांग में आठ हजार मेगावाट तक गिरावट आई है। इसको देखते हुए शनिवार को परियोजनाओं में थर्मल बैकिंग कराई गई। दोपहर बाद तक दो हजार मेगावाट तक उत्पादन कम रखा गया। शाम चार बजे थर्मल बैकिंग खत्म कर दी गई।
सुबह से दोपहर बाद तक 1200 मेगावाट वाली अनपरा सी (लैंको) में लगभग 636 मेगावाट, 1000 मेगावाट वाली ओबरा बी की 100 मेगावाट वाली 11वीं इकाई से महज 62, 12वीं से महज 89 मेगावाट, 1320 मेगावाट वाली ओबरा सी की 600 मेगावाट वाली पहली यूनिट से 382 मेगावाट, 1000 मेगावाट वाली अनपरा डी से महज 538 मेगावाट, 1000 मेगावाट वाली अनपरा बी से महज 547 मेगावाट, 660 मेगावाट वाली अनपरा ए से महज 332 मेगावाट के ईद-गिर्द विद्युत उत्पादन बना हुआ था। थर्मल बैकिंग खत्म होने के बाद अनपरा, बी, सी और डी मे उत्पादन में जहां अच्छी बढ़ोत्तरी देखने को मिली। वहीं समाचार दिए जाने तक अनपरा ए के साथ ओबरा बी के उत्पादन में गिरावट की स्थिति बनी हुई थी।
वर्जन -
जब बिजली की खपत कम होती है, तब उत्पादन घटाया जाता है। कितनी थर्मल बैकिंग होगी (उत्पादन घटाया जाएगा) यह स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर से मिले निर्देश पर निर्भर करता है। सामान्य दिनों में उत्पादन की कोशिश बनी रहती है। - जेपी कटियार, महाप्रबंधक अनपरा।