भदोही कोतवाली क्षेत्र के पूरेमुड़िया गांव में मंगलवार को साड़ के हमले से 72 वर्षीय शिव कुमार की मौत हो गई। वह शौच कर लौट रहे थे, तभी रास्ते में सांड़ ने उन पर हमला कर दिया। परिजन उन्हें निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान दोपहर एक बजे उनकी मौत हो गई। 23 दिनों के बंदर साड़ के हमले की यह तीसरी घटना है। आठ अगस्त को गोपीगंज के अमवां में साड़ के हमले में मां-बेटे की मौत हो गई थी।
भतीजा और निवर्तमान ग्राम प्रधान मनोज कुमार ने बताया कि पूरेमुड़िया निवासी शिवकुमार (72) मंगलवार सुबह करीब छह बजे खेत की तरफ शौच करने गए थे। लौटते समय रास्ते में एक सांड़ ने उन पर हमला कर दिया। पेट में चोट लगने से वह जमीन पर गिर पड़े। आसपास के लोगों और परिजनों के लाठी-डंडे लेकर पहुंचने पर सांड़ वहां से भाग गया। परिजन घायल शिवकुमार को भदोही के निजी अस्पताल ले गए। परिजनों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के समय उनकी सांसें चल रही थीं, लेकिन वह बोल नहीं पा रहे थे। इलाज के दौरान करीब दोपहर एक बजे उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि शिवकुमार दो भाइयों में बड़े थे। उनके दो बेटे जीत नारायण (45) और शिवनारायण (40) मुंबई में ऑटो चलाते हैं। पत्नी शांति देवी और दोनों बहुओं का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर असनाव चौकी प्रभारी हरिकेश सिंह मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं की समस्या पर चिंता जताते हुए प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार राय ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
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आठ अगस्त को मां- बेटे की चली गई थी जान
गोपीगंज के अमवां गांव में आठ अगस्त की रात में साड़ के हमले में प्रांशु सिंह और उनकी मां विनीता सिंह की मौत हो गई थी। दोनों पर्वतपुर के रहने वाले थे। किराना का सामान लेने जाते समय सांड़ ने मां-बेटे पर हमला कर दिया था। 25 अगस्त को औराई कोतवाली क्षेत्र के चकापुर गांव में सांड़ के हमले में गांव निवासी रितेश मिश्रा उर्फ चंचल पुत्र रामेश्वर मिश्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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वर्जन
- सभी बीडीओ को छुट्टा पशुओं को पकड़कर गोशाला भेजने का निर्देश दिया गया है। मामले की जांच कराई जाएगी।
-डॉ. एके सचान, सीवीओ।