म्योरपुर हवाईअड्डे के निर्माण में आ रही तकनीकी बाधाएं दूर करने के लिए प्रशासन सक्रिय हो गया है। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने बतौर एकाउंटेबल मैनेजर एडीएम को जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं सेफ्टी मैनेजर के रूप में एएसपी को तैनात किया है। इन दोनों अधिकारियों को निर्माण की प्रगति की नियमित समीक्षा और सुरक्षा उपायों के साथ बाधाएं दूर कर इसे गति देने के हरसंभव उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।
चार राज्यों की सीमा से सटे नक्सल प्रभावित सोनभद्र में केंद्र सरकार की रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत म्योरपुर स्थित हवाईपट्टी का विस्तार कर हवाईअड्डे का रूप दिया जा रहा है। इस हवाईअड्डे से देश के विभिन्न हिस्सों के लिए उड़ानें शुरू होंगी। पिछले दो साल से हवाईअड्डे के विस्तार का काम चल रहा है। वर्ष 2022 के चुनाव से पहले इसके लोकार्पण की तैयारी है। इसके लिए पहले अक्तूबर 2021 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, मगर बाद में तकनीकी दिक्कतों के कारण दिसंबर की समय सीमा तय की गई। अब जमीन विवाद और निर्माण कार्य में सुस्ती के कारण इस अवधि तक भी काम पूरे होने के आसार नहीं बन रहे हैं। जनवरी के प्रथम पखवाड़े तक विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होनी है। ऐसे में निर्माण में देरी से इसका लोकार्पण चुनाव बाद टल सकता है। पिछले दिनों अमर उजाला में एयरपोर्ट के निर्माण में सुस्ती की खबर छपने के बाद प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। अधूरे कार्यों को पूर्ण कराकर हवाई यात्राएं शुरू करने की दिशा में पहल तेज की गई है। जिला प्रशासन की ओर से विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन के नागरिक उड्डयन विभाग के समक्ष म्योरपुर हवाई अड्डा को एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए आवेदन के साथ ही एकाउंटेबल मैनेजर और सेफ्टी मैनेजर की नियुक्ति की गई है। एकाउंटेबल मैनेजर के रूप में अपर जिलाधिकारी और सेफ्टी मैनेजर के रूप में अपर पुलिस अधीक्षक को तैनात कर दिया है। इसकी सूचना भी विशेष सचिव उत्तर प्रदेश शासन नागरिक उड्डयन विभाग को दे दी है।
म्योरपुर से शीघ्र उड़ान शुरू करने की हरसंभव कोशिश की जा रही है। हवाईअड्डे पर एकाउंटेबल मैनेजर के रूप में एडीएम और सेफ्टी मैनेजर के रूप में एएसपी को तैनात/नियुक्त कर दिया गया है। सब कुछ ठीक रहा तो वर्ष 2022 में सोनांचल की धरती से हवाई सफर की शुरूआत हो जाएगी। - टीके शिबू, जिलाधिकारी सोनभद्र।