सोनभद्र। फर्जी डिग्री लगाकर नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सोमवार को बीएसए ने परिषदीय विद्यालयों में फर्जी डिग्री पर नौकरी कर रहे छह सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्त कर शासन को रिपोर्ट भेज दिया। संबंधित शिक्षकों की डिग्री की जांच हुई तो मामला सामने आया। बीएसए ने खंड शिक्षाधिकारियों को संबंधित शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश भी दिया है। इस कार्रवाई से उन शिक्षकों में खलबली मच गई है, जिनके प्रमाण पत्रों की जांच चल रही है।
पूर्व में कुछ लोगों ने शिक्षा विभाग केे उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि सोनभद्र में कई शिक्षकों की डिग्री फर्जी है। फिर भी वह नौकरी कर पगार ले रहे हैं। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बीएसए ने जांच की प्रक्रिया शुरू की तो सच्चाई उजागर होने लगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने बताया कि सत्यापन के दौरान कौशांबी जिले के थाना सैनी क्षेत्र के रामरतन का पुरवा निवासी/प्राथमिक विद्यालय बरवा के सहायक अध्यापक मुन्नालाल यादव पुत्र अमरनाथ यादव, वरैसा गांव निवासी व प्राथमिक विद्यालय पश्चिम टोला नौडिहा के सहायक अध्यापक शिव सागर मिश्र पुत्र चंद्रशेखर मिश्र, मझनपुर थाना क्षेत्र के बरत फरीक निवासी/प्राथमिक विद्यालय सिरसिया के सहायक अध्यापक जय प्रकाश पुत्र पितई लाल, रामपुर मड़ौली निवासी व प्राथमिक विद्यालय खालोडीह के सहायक अध्यापक शिव प्रकाश पाल पुत्र बड़े लाल पाल की बीएलएड की उपाधि फर्जी मिली है। इसी तरह प्रयागराज के चौहनिया निवासी/प्राथमिक विद्यालय नागराज के सहायक अध्यापक रूपचंद्र प्रजापति पुत्र गुलाब चंद्र प्रजापति और फतेहपुर जिले किशुनपुर थाना अंतर्गत रारी निवासी/प्राथमिक विद्यालय संचारीडाड़ के सहायक अध्यापक नरायण सिंह पुत्र भोला सिंह की भी बीएलएड उपाधि फर्जी मिली। बीएसए ने कहा कि फर्जी डिग्री पर नौकरी करने वाले संबंधित शिक्षकों की सेवा समाप्त करते हुए संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी कई अन्य शिक्षकों के डिग्री की जांच चल रही है। जांच में जिनकी डिग्री फर्जी मिलेगी, उनकी सेवा समाप्त कर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।