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Sun, 30 Oct 2016 07:31 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, सोनभद्र
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लाल बल्‍ब
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दीपावली पर बिजली आपूर्ति मंें किसी प्रकार की रुकावट न आए इसलिए उत्पादन सेक्टर में भरपूर बिजली पैदा करने की कवायद रही। जिसका फल मिला। राज्य सेक्टर की सबसे बड़ी परियोजना अनपरा में रविवार को इकाइयों से पूर्ण क्षमता से बिजली पैदा की गई।
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इसके चलते परियोजना का उत्पादन 23 सौ मेगावाट के करीब पहुंच गया, जो अब तक का सर्वाधिक है। सोमवार को भी बेहतर उत्पादन बना रहे, इसको लेकर अधिकारियों की तरफ से निगरानी बनी हुई थी।


अगस्त और सितंबर में कोयला संकट से जूझती रही अनपरा परियोजना के लिए दीवाली का दिन कई मायने में सुखद रहा। जहां इस दिन कोयले का स्टाक संतोषजनक स्थिति में पहुंच गया। वहीं 210 मेगावाट की पहली, दूसरी और 500 मेगावाट की चौथी, पांचवीं, छठीं और सातवीं इकाई से पूर्ण क्षमता के करीब उत्पादन ले जाया गया। सीजीएम त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि प्रदेश को जितनी बिजली की जरूरत है, उसके हिसाब से परियोजना से पर्याप्त बिजली पैदा की जा रही है। जरूरत समझ में आई तो उत्पादन को 100 मेगावाट तक और बढ़ाया जा सकता है।
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बता दें कि परियोजना की 210 मेगावाट वाली तीसरी इकाई अनुरक्षण पर है। इस कारण अभी परियोजना की क्षमता के मुकाबले पूर्ण उत्पादन नहीं हो सका है। तीसरी इकाई के भी उत्पादन पर आने के बाद इस परियोजना से प्रदेश को 25 से 26 सौ मेगावाट बिजली लगातार मिलने लगेगी। बता दें कि अनपरा की बिजली प्रदेश में सभी बिजलीघरों से सस्ती है।


इस कारण निगम प्रबंधन का इस परियोजना पर बेहतर उत्पादन का दबाव हमेशा बना रहता है। समाचार दिए जाने तक अनपरा परियोजना में 2301, ओबरा में 337, पनकी में 150, पारीक्षा में 715, हरदुआगंज में 267 मेगावाट बिजली पैदा  की जा रही थी। वहीं पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए पारीक्षा और हरदुआगंज की बिजली महंगी पाते हुए, यहां शाम तक 421 मेगावाट की थर्मल बैकिंग बनी हुई थी।
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