जिले में दिवाली रविवार को हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। नगर से लेकर गांव तक दीपों और झालरों की रोशनी से जगमगा उठा। घरों को दुल्हन की तरह सजाया गया। बच्चों से लेकर बड़ों तक में पटाखे छोड़ने का जोश देखा गया।
शुभ मुहूर्त में गणेश-लक्ष्मी और कुबेर की पूजा-अर्चना की गई। अमावस्या तिथि अबकी बार रात्रि 9:04 बजे तक होने की वजह से लोगों ने शुभ मुहूर्त शाम 6:31 बजे से रात्रि 8:27 बजे के बीच पूजन-अर्चन किया। घर-गृहस्थी में सुख संपन्नता के लिए लोगों ने जहां गणेश-लक्ष्मी की पूजा की। वहीं व्यापारी वर्ग ने गणेश-लक्ष्मी के साथ ही कुबेर की भी पूजा की।
दिवाली को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही तैयारी रविवार को मूूर्त रूप में सामने आई। शहर से लेकर गांव तक घरों को रंग रोगन करने के बाद रविवार को विद्युत झालरों से मिट्टी के दीयों से सजाया गया। राबर्ट्सगंज नगर विद्युत झालरों से जगमगा उठा। बाजार में रविवार को शाम तक खरीददारों की भीड़ उमड़ी।
लोग फूल माला से लेकर लाई, चूरा, चीनी के बने खिलौने और मिट्टी के दीये जलाने के लिए रूई आदि की खरीददारी में मशगूल रहे। इससे बाजार में चहल-पहल रही। रामलीला मैदान में पटाखों और अन्य सामानों की लगी दूकानों से खरीददारी के लिए लोगों की भीड़ रही। नगरीय क्षेत्रों को छोड़ ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर मिट्टी के दीये जलाकर रोशनी की गई।
दुद्धी प्रतिनिधि के अनुसार रविवार को प्रकाश का पर्व दिवाली पर घर-आंगन दीपों से जगमगा उठे। घरों के साथ ही विभिन्न प्रतिष्ठानों को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया। लोगों ने मिट्टी के दीये की रंगोली भी सजाई। कस्बे के संकट मोचन मंदिर, पंचदेव मंदिर व मां काली मंदिर को भी दीपों से सजाया गया। ओबरा प्रतिनिधि के अनुसार नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को दिवाली धूमधाम से मनाई गई।
बच्चे पटाखा व फूलझड़ी जलाकर त्योहार का आनंद उठा रहे थे। शाम होते ही पूरा नगर झालर, दीपक तथा मोमबत्ती के प्रकाश से जगमगा उठा। लोगों ने जमकर खरीदारी भी की। शाम को लोगों ने अपने अपने घरों में भगवान गणेश लक्ष्मी का पूजन किया।