क्षेत्रीय जनता ने शुक्रवार को तहसील परिसर में दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर 30 घंटे की भूख हड़ताल शुरू कर दी। इसका समर्थन 14 संगठनों ने किया है। इसकी वजह से अबकी बार क्षेत्रीय लोगों का मनोबल बढ़ा है और उम्मीद है कि जिला की जायज मांग को सरकार जरूर मानेगी।
बता दें कि दुद्धी को जिला बनाओ संघर्ष मोर्चा की अगुआई में दुद्धी को जिला बनाओ, विकास कराओ नारे के साथ शुक्रवार को तहसील परिसर में 30 घंटे की भूख हड़ताल शुरू हो गई। 14 संगठनों का समर्थन प्राप्त इस आंदोलन को धार देने के लिए पहले दिन ही युवा से लेकर वरिष्ठ समाजसेवियों ने भूख हड़ताल में शिरकत की। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र की दुरुहता एवं गरीब आदिवासियों की पीड़ा की सरकार अनदेखी नहीं कर सकती। कहा कि इसी को देखते हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति गरीबी व जिला मुख्यालय की लंबी दूरी को देखते हुए 14 जुलाई 1994 को पिपरी के बेलहथी में जिला मुख्यालय की आधारशिला रखी थी। लेकिन राजनैतिक विद्वेष के कारण भेंट चढ़ गई और मुख्यालय राबर्ट्सगंज स्थानांतरित हो गया। इसका नतीजा यह है कि आज भी 160 किमी की दूरी तय करके गरीब, आदिवासी मुख्यालय पहुंचते हैं। अध्यक्षता हरिराम चेरो और संचालन दिनेश अग्रहरि ने किया। भूख हड़ताल पर बैठने वालों में संघर्ष मोर्चा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पारसनाथ गुप्त, सत्यनारायण यादव एडवोकेट, किरन सिंह, ओम प्रकाश दूबे, महिपत चेरो, लालमोहर चेरो, अशोक कनौजिया एडवोकेट, अध्यक्ष यादव महासभा दरगाही यादव, उदय लाल मौर्य, मोहम्मद जबी खान, रामख्याल सिंह, आशीष गुप्ता एडवोकेट, प्रभु सिंह एडवोकेट, ददई राम, सुखराम शामिल हैं।