लोक स्वतंत्र मानवाधिकार के बैनर तले दुद्धी को जिला बनाओ के समर्थन में रविवार को पीयूसीएल कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान से क्रांति पदयात्रा निकाली। नगर के मुख्य मार्गों से होकर काली मंदिर तक पदयात्रा के बाद तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन और सभा के रूप में तब्दील हो गया।
वक्ताओं ने इस मौके पर दुद्धी को जिला बनाने की आवाज बुलंद की। इसके अलावा राज्यपाल को संबोधित अपने 14 सूत्री मांगों का ज्ञापन नायब तहसीलदार कैलाश यादव को सौंपा।
मुख्य अतिथि पीयूसीएल के विकास शाक्य ने कहा कि दुद्धी सबसे पुराना तहसील है। जिला बनने के लिए सभी मानकों को पूरा करते हुए भी इसे जिला न बनाकर उसे विकास की रफ्तार में पीछे धकेल दिया गया है। कहा कि जब इस अति पिछड़ा नक्सल प्रभावित सुदूरवर्ती क्षेत्र को देखते हुए जिला बनाने की घोषणा वर्तमान सरकार के मुखिया ने उस समय कर दिया था, तो आज तक इस पर क्रियान्वयन क्यों नहीं किया गया।
डॉ. लवकुश प्रजापति, पर्यावरण चिंतक कमलेश मोहन और विजय मिश्र ने कहा कि आज दुद्धी को जिला बनाने का मुद्दा आम जनमानस का मुद्दा बन चुका है। प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की अध्यक्ष ममता मौर्या, डॉ. हर्षवर्धन, ग्राम प्रधान धर्मेंद्र कुमार और जिला बनाओ के सचिव प्रभु सिंह ने कहा कि जब तक दुद्धी को जिला बनाओ की घोषणा नहीं हो जाती यह चिंगारी बढ़ती रहेगी।
अध्यक्षता डॉ. लवकुश प्रजापति और संचालन जितेंद्र चंद्रवंशी ने किया। इस मौके पर रमेश कुमार, उमेश कुमार, दीनानाथ, राजकुमार, फूलहीना, रामफल, देवी प्रसाद, हाजी मुहम्मद, सहीद कादरी, मनोज कुमार, अंजूलता, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।