वकीलों का दुद्धी को जिला बनाने की मांग
दुद्धी को जिला बनाने की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। न्यायिक कार्य से विरत रहे। अन्य संगठनों ने भी जिला बनाने के मुद्दे पर इस आंदोलन को समर्थन दिया। सिविल बार के सभागार में इसको लेकर बैठक भी हुई। अधिवक्ताओं और दुद्धी जिला बनाओ संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं ने कचहरी परिसर में जुलूस निकाला और नारेबाजी की। गेट के सामने प्रदर्शन किया।
संघर्ष समिति के महासचिव प्रभु सिंह एडवोकेट ने कहा कि दुद्धी सदियों से प्रसिद्ध रहा हैं। अंग्रेजों के जमाने में भी दुद्धी को स्टेट के नाम से जाना जाता था, जिसका शासन सीधे महारानी विक्टोरिया के यहां से संचालित होता था। उत्तर प्रदेश में कई ऐसे जिले हैं जो दुद्धी से छोटे हैं, फिर भी शासन ने उसे जिला बना दिया।
लेकिन दुद्धी को जिला बनाने की मांग को सरकार अनसुना कर रही है। अगर सरकार इस मांग पर अमल नहीं करती हैं तो आंदोलन तेज होगा। समिति के अध्यक्ष अवधनारायण यादव ने कहा कि सरकार इस मामले में सिर्फ कोरा आश्वासन दे रही है। सभा के बाद सिविल बार के सभागार में जिले के मुद्दे पर बैठक की गई।
इसमें प्रस्तावित दुद्धी में पडने वाले ब्लॉक, थाना तथा जिला मुख्यालय के बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया। प्रदर्शन में पारसनाथ गुप्ता, राजेंद्र श्रीवास्तव, नंदलाल, जितेंद्र श्रीवास्तव, राम अजोर भारती, मनोज तिवारी, दिनेश अग्रहरि, किरन, आशीष गुप्ता, बजरंग लाल उपाध्याय, सुरेंद्र सिंह, सत्यनारायण आदि रहे।