प्रदेश सरकार के खिलाफ फूटा गुस्सा
सूबे में अधिवक्ताओं के हो रहे उत्पीड़न पर रोक लगाने सहित अन्य मांगों को लेकर शनिवार को कलेक्ट्रेट में स्थित जिला कोषागार परिसर में डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन और सोनभद्र बार एसोसिशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदेश सरकार पर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई करने में शिथिलता बरतने का आरोप मढ़ा। अधिवक्ताओं ने डीएम को सीएम के नाम पांच सूत्री मांगपत्र सौंपा।
कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था लचर होने के चलते अधिवक्ताओं की हत्याएं हो रही हैं। खुलेआम अपराधी घूम रहे हैं और पुलिस मूकदर्शक बनी हुई है। कहा कि जिन अधिवक्ताओं की हत्या हुई है उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता दिया जाए एवं परिवार के किसी योग्य एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी एवं यदि पीड़ित परिवार के लोग इच्छुक हो तो उन्हें शस्त्र लाइसेंस बनवाया जाए।
चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 30 अप्रैल को पुन: अधिवक्ता विरोध प्रदर्शित करते हुए ट्रेजरी का घेराव कर शांति मार्च निकालेंगे। फिर भी मांगें पूर्ण नहीं हुई तो 13 मई को पुन: धरना-प्रदर्शन करते हुए ट्रेजरी कार्यालय को बंद कराते हुए शांति मार्च निकाल कर वरोध प्रदर्शन करेंगे।
चेतावनी देेते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर 23 मई को बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश इलाहाबाद के निर्देश पर लखनऊ में विधान सभा का घेराव किया जाएगा। इस मौके पर डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधाकर मिश्रा, सोनभद्र बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओम प्रकाश राय, प्रतिमा मिश्रा, रोशन लाल यादव, आशीष चौबे, धीरज पांडेय आदि मौजूद रहे।