जिले के सूखे से प्रभावित किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब शासन ने जिला प्रशासन को सीधे आरटीजेएस के माध्यम से किसानों के खाते में सूखा राहत की मुआवजा राशि भेजने का निर्देश दिया है। ताकि किसानों को बैंकों का चक्कर न काटना पड़े। अभी तक लेखपालों के माध्यम से सूखा राहत का चेक किसानों को दिया जाता है।
कृषि विभाग कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार राबर्ट्सगंज, घोरावल और दुद्धी तहसील क्षेत्र मेें करीब दो लाख किसान है। लगातार सूखा पड़ने से किसानों की हालत बद से बदतर हो चुकी है। अधिकांश किसान बैंक के कर्ज में डूब चुके हैं।
हालांकि शासन स्तर से सूखा राहत कृषि निवेश योजना के तहत वर्ष 2014-15 में सूखे की चपेट मेें आने वाले एक एकड़ भूमि के नीचे के किसानों को साढ़े सात सौ तथा एक एकड़ से दो एकड़ भूमि के बीच के किसानों को 15 सौ रुपये मुआवजा चेक के जरिए देने का फरमान जारी किया है।
डीएम के निर्देश पर तीनों एसडीएम की देखरेख में लेखपालों ने सूखे से प्रभावित किसानों को चिह्नित कर उन्हें सूखा राहत का चेक दे रहे है। इस संबंध मेें अपर जिलाधिकारी रामचंद्र का कहना है कि सभी लेखपालों को अपने-अपने क्षेत्र के किसानों के बैंक के पासबुक की फोटो कापी तहसील प्रशासन को मुहैया कराने का निर्देश दे दिया गया है। ताकि मुआवजा राशि भेजी सकें। चेतावनी देते हुए कहा कि शीघ्र किसानों का खाता नंबर उपलब्ध न कराने वाले लेखपालों को लापरवाह मानते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।