इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर से प्रस्तावित हड़ताल का सोनभद्र में पूरा असर रहा। सभी नर्सिंगहोमों, डायग्नोस्टिक सेंटरों पर ताला लटकता रहा। इससे मरीजों को परेशानी हुई। परेशानी मरीजों ने जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएसची का सहारा लिया। उधर, डाक्टरों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और प्रभारी डीएम महेंद्र सिंह को मुख्यमंत्री के नाम दो सूत्री मांगपत्र सौंपा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत शुक्रवार की दोपहर 12 बजे डाक्टरों ने कलेक्ट्रेट पहुंच कर मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया। यहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सचिव एके सिंह और जेएन सिंह ने कहा कि चिकित्सकों एवं चिकित्सा प्रसिस्थानों प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट को सख्ती को लागू किया जाए।
डा. संजय सिंह, डा. आरएस सिंह, डा. सुभेंद्रू सिंह ने कहा कि तरह-तरह के पंजीकरण के नाम पर डाक्टरों से की जा रही वसूली एवं उत्पीड़न को बंद किया जाए। डा. अनुपमा सिंह, डा. नम्रता सिंह और डा. वीणा सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार डाक्टरों के जायज मांगों को पूर्ण करने में हीलाहवाली कर रही है।
वक्ताओं ने कहा कि डा. रोहित गुप्ता के अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार एसोसिएशन के मांगों को गंभीरता से लेते हुए अविलंब पूर्ण नही करती है तो एसोसिएशन के आह्वान पर वृहद आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर डा. टीपी सिंह, डा. एसपी सिंह, डा. आरएस सिंह, डा. आरपी सिंह, डा. एसपी सिंह मौजूद रहे। उधर राबर्ट्सगंज समेत अन्य शहरों में निजी क्लीनिकों और डाग्यनोस्टिक सेंटरों के बंद होने से रोगी उपचार कराने के लिए भटकते रहे। जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएसी में अचानक रोगियों की भीड़ बढ़ने से स्वास्थ्य कर्मी परेशान हो गए। जिला अस्पताल में दोपहर दो बजे तक रोगियों की भीड़ लगी रही।