अनपरा। नगर के डिबुलगंज स्थित संयुक्त चिकित्सालय में इमरजेंसी सेवा ध्वस्त है। रात के समय यहां किसी चिकित्सक के न रहने से मरीज भटकते रहते हैं। इमरजेंसी में आने के बाद डॉक्टर को फोन कर बुलाना पड़ता है। इसमें भी कई बार इतना वक्त लग जाता है कि मरीज की जान चली जाती है, या फिर उन्हें अन्यत्र जाना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है।
परियोजना क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए निर्मित डिबुलगंज के संयुक्त चिकित्सालय में चिकित्सकों की लापरवाही का खामियाजा मरीजों और तीमारदारों को भुगतना पड़ रहा है। यहां रात के समय इमरजेंसी में उपचार मिलना मुश्किल है। डॉक्टर परिसर में नहीं रुकते। वर्तमान में अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक, दंत चिकित्सक के साथ आपातकाल के एक चिकित्सक तैनात हैं। संविदा पर आयुष चिकित्सक भी हैं। दिनभर मरीजों का उपचार होता है, लेकिन शाम होते ही अस्पताल से सभी डॉक्टर चले जाते हैं। परिसर में बने आवासों में कोई चिकित्सक नहीं रहता है। गंभीर मरीज आने पर डॉक्टर को फोन कर बुलाना पड़ता है। हाल ही में एनसीएल ने करीब 4 करोड़ की लागत से संयुक्त चिकित्सालय के मरम्मत और सुंदरीकरण का कार्य इसी शर्त पर कराया था, कि अस्पताल से मरीजों काे बेहतर इलाज मिले, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही है कि कम होने का नाम नहीं ले रही है। अस्पताल में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को भर्ती तो करा दिया जाता है, लेकिन चिकित्सकों की उपस्थिति ना होने के कारण तीमारदार मरीजों को निजी अस्पतालों में ले जाने को विवश हैं।